EPFO New Rules: अब जरूरत पड़ने पर PF से निकाल सकेंगे 100% तक रकम! बदल गई लिमिट, सरकार ने दी बड़ी राहत
EPFO Withdrawal Update: ईपीएफओ की ओर से 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक बयान में कहा गया कि पात्र कर्मचारी अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत रकम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के निकाल सकते हैं।
- Written By: मनोज आर्या
कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
EPFO Withdrawal New Rule: किसी भी नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड (पीएफ) का पैसा काफी अहम होता है। ये वो रकम है, जो नौकरी करने वाले लोगों की सैलरी से हर महीने कटता है और एक समय के बाद यह बड़ा फंड बन जाता है। ज्यादातर लोग इस पैसे का इस्तेमाल किसी इमरजेंसी या किसी खास मौके के लिए करते हैं। पीएफ से पैसे निकालने की लिमिट पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। क्या सरकार की पीएफ से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव करने जा रही है?
दरअसल, ईपीएफओ 3.0 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कई ऐसे सुधार लाने की योजना बना रहा है जो नौकरीपेशा लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा। अब इस नए सुधारों की चर्चाओं के बीच पीएफ खाते से पैसे निकासी की लिमिट पर नई बहस शुरू हो गई है।
बता दें कि ईपीएफओ की ओर से 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक बयान में कहा गया कि पात्र कर्मचारी अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत रकम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के निकाल सकते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में 100 प्रतिशत राशि निकालने की अनुमति भी जारी रहेगी। ऐसे में लोगों को कंफ्यूजन हो गया है कि कहीं 100 फीसदी निकासी का ऑप्शन समाप्त तो नहीं हो गया।
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EPFO 3.0 में क्या बदलाव?
अब बिना किसी डॉक्यूमेंटेशन के किसी भी समय पात्र राशि का 75 प्रतिशत निकासी हो सकती है। जबकि किसी विशेष परिस्थितियों में पीएफ बैलेंस का 100 फीसदी पैसे निकालने की अनुमति है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे कि प्राकृतिक आपदा, महामारी, लॉकडाउन, बेरोजगारी जैसी परिस्थितियों में 100 प्रतिशत पैसे निकाले जा सकते हैं। लेकिन ईपीएफओ सदस्यों को इसकी वजह स्पष्ट रूप से बताना होगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को इसके सबूत भी देने होंगे। कई बार क्लेम इसलिए रिजेक्ट हो जाते हैं क्योंकि सदस्य ने जो वहज बताई थी, वह ईपीएफओ की मंजूर कैटेगरी की लिस्ट में नहीं थी।
किस हालात में 100% निकासी की अनुमति?
अगर कोई कंपनी या संस्थान लगातार 15 दिनों से अधिक समय के लिए बंद है और उसके कर्मचारियों को बिना किसी मुआवजे को अचानक बेरोजगार होना पड़ा, या फिर उन्हें दो महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है (बशर्ते वेतन न मिलने की वजह हड़ताल न हो) इसके अलावा ये कुछ शर्ते भी लागू होती हैं-
- ईपीएफ सदस्य की नौकरी से हटाने, सस्पेंड या लेऑफ को कोर्ट में चुनौती दी गई हो।
- किसी भी संस्थान का छह महीने से अधिक समय तक बंद रहना और बेरोजगार होना।
- किसी भी मेडिकल इमजरेंसी के केस में (खुद का या सदस्य के परिवार का)
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सरकार ने सूचना में क्या कहा था?
सरकार की ओर से 15 अक्टूबर 2025 को जारी सूचना में जानकारी दी गई कि विशेष परिस्थितियों के तहत कर्मचारियों को आशिंक निकासी के कारण बताने होते थे, जैसे कि नेचुरल डिजास्टर, कंपनी का बंद होना, बेरोजगारी और महामारी आदि। इससे कई बार क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे। अब कर्मचारी इस कैटेगर के तहत बिना किसी कारण बताए आवेदन कर सकता है।
