ट्रंप के एक आदेश से दहला ईरान! अमेरिका ने मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर किया भीषण हमला, क्या फिर छिड़ेगी जंग?

US Strikes Iran: होर्मुज में कार्गो शिप पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के भीतर मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाकर बड़ी जवाबी कार्रवाई की है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
Iran shaken by a single order from Trump! US launches massive strikes on missile and drone sites; will war break out again?
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Strikes Iran Missile Drone Sites: मीडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। शुक्रवार को अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा के भीतर घुसकर उसके कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई हाल ही में एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले का करारा जवाब है।

ईरान के इन ठिकानों को बनाया गया निशाना

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस विशेष सैन्य अभियान में ईरान के उन ठिकानों को प्राथमिकता दी गई जो क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए जिम्मेदार थे। अमेरिकी विमानों ने ईरान के भीतर स्थित मिसाइल डिपो, ड्रोन स्टोरेज केंद्रों और तटीय रडार साइट्स को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।

CENTCOM ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह हमला पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया था ताकि ईरान की हमला करने की क्षमता को कमजोर किया जा सके।

क्यों भड़का अमेरिका?

कार्गो शिप पर हमले ने बिगाड़ा खेल इस बड़े सैन्य हमले की जड़ें 25 जून की एक घटना से जुड़ी हैं। दरअसल, सिंगापुर के ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज 'M/V Ever Lovely' पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से निकलते समय ड्रोन से हमला किया गया था।

यह जहाज उस समय ओमान के तट के पास से गुजर रहा था। अमेरिका ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन करार दिया।

युद्धविराम समझौते का उल्लंघन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई से पहले ही कड़े संकेत दे दिए थे। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि ईरान को उसके कर्मों का फल 'जल्द ही पता चल जाएगा'। हमले के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने लिखा कि ईरान ने रणनीतिक जलमार्गों पर चार घातक ड्रोन दागे, जो दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम समझौते का 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन' है। गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड में हुए एक नाजुक समझौते के बाद यह अमेरिका की ईरान पर पहली सीधी सैन्य कार्रवाई है।

क्षेत्र में बढ़ सकता है तनाव

इस हमले ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह क्षेत्र में अपने हितों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। CENTCOM ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है और यह सुनिश्चित कर रही है कि समझौतों का पालन हो।

हालांकि, ईरान की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में स्थिति और अधिक विस्फोटक हो सकती है।

https://youtu.be/hd_GWwDkPrY?si=5KjF5pyGmfpT0BNn

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