डिजिटल बैंकिंग का बदलेगा नियम, 1 जनवरी से लागू होंगे RBI के नए डायरेक्शन
RBI Regulation: आरबीआई द्वारा जारी डिजिटल रेग्युलेशन के तहत बैंकों पर अब बोझ कम होने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक ने पिछले छह महीने से चल रही कवायद को अंतिम रूप दे दिया है।
- Written By: रंजन कुमार
डिजिटल बैंकिंग। इमेज-एआई
Digital Banking Experiance: बीते कुछ वर्षों में डिजिटल ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़े हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने डिजिटल बैंकिंग को ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाने के लिए 7 नए मास्टर डायरेक्शन जारी किए हैं। ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखकर नए नियमों को 1 जनवरी से देश भर के बैंकों में लागू किया जाएगा। इन डायरेक्शन को सरकार द्वारा उस मुहिम के तहत जारी किया गया है, जिसका मकसद ग्राहकों को सुरक्षा देना और नियमों को आसान बनाना है।
इसका फायदा ग्राहकों के साथ बैंकों और एनबीएफसी (NBFC) को भी मिलेगा। इन संस्थाओं पर फालतू कागजी कार्रवाई का दबाव कम हो जाएगा। साथ ही काम करने में आसानी होगी। रिजर्व बैंक की तरफ से 244 मास्टर डायरेक्शन को जारी किया गया है पहले डिजिटल बैंकिंग से जुड़े नियम अलग-अलग सर्कुलर में थे। अब आरबीआई ने सबको एक जगह कर 7 नए
मास्टर डायरेक्शन खासकर डिजिटल बैंकिंग के लिए जारी किए हैं। इनके माध्यम से बैंकिंग से जुड़े नियमों को समझना और उनको फॉलो करना आसान होगा।
किन-किन पर लागू होंगे नए नियम ?
आरबीआई के नए नियमों को बड़े कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, लोकल एरिया बैंक, रीजनल रूरल बैंक, शहरी को-ऑपरेटिव बैंक और ग्रामीण को-ऑपरेटिव बैंक सभी पर लागू किया जाएगा। कुल मिलाकर हर बैंक पर इन नियमों को लागू किया जाएगा। इन नियमों को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना है। आरबीआई द्वारा यह कवायद करीब छह महीने से की जा रही थी। इस अभियान के तहत रिजर्व बैंक ने 5673 पुराने सर्कुलर को रद्द किया है।
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हर बैंक को बनानी होगी पॉलिसी
नए नियम के अनुसार हर बैंक को अलग से डिजिटल बैंकिंग पॉलिसी बनानी पड़ेगी। इस पॉलिसी के तहत लिखना होगा कि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI ) में कस्टमर का पैसा कैसे सुरक्षित रहेगा। लिक्विडिटी कैसे मैनेज होगी और किसी तकनीकी गड़बड़ी आने पर क्या करेंगे?
ग्राहकों को क्या फायदा?
नियम पूरी तरह स्पष्ट होने से बैंक जल्दी नई सर्विस को लॉन्च कर पाएंगे। इससे साइबर फ्रॉड से बचाव के नियमों को और सख्त किया जाएगा। छोटे बैंक भी बड़े बैंकों की तरह डिजिटल सुविधाएं दे सकेंगे। शिकायत मिलने पर कार्रवाई तेजी के साथ पूरी की जा सकेगी।
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एक देश-एक नियम मकसद
आरबीआई ने कहा है कि हम चाहते हैं देश में बैंकिंग करना जितना आसान हो सके, इसलिए पुराने उलझे नियमों को स्क्रैप कर नई और साफ-सुथरी बुक्स ला रहे हैं। आप इसे आसान भाषा में कह सकते हैं कि 2026 से आपका मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और UPI और भी तेज, सुरक्षित और आसान होने वाला है। इसके लिए किसी तरह की झंझट लेने की जरूरत नहीं होगी।
