DA Hike: अप्रैल का दूसरा हफ्ता शुरू, फिर भी क्यों अटकी है डीए की फाइल? एक्सपर्ट्स ने बताई देरी की असली वजह

DA Hike Update: कॉनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज एंड वर्कर्स ने भी इस बारे में लेटर लिखा है। इसमें कहा गया है कि आम तौर पर डीए का ऐलान मार्च के अंतिम हफ्ते में होता आया है।
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Central Employees DA Hike: देशभर में केंद्र सरकार के 45 लाख एंप्लॉयीज और 60 लाख पेंशनर्स को डीए में वृद्धि के केंद्र सरकार के ऐलान का इंतजार है। इसमें दो हफ्तों से ज्यादा देर हो चुकी है। सरकार ने जुलाई 2025 में डीए 54 फीसदी से बढ़ाकर 58 फीसदी कर दिया था। कई एंप्लॉयीज को अप्रैल की सैलरी में बढ़ा हुई डीए आने का इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि इसके साथ जनवरी 2026 से अब तक का एरियर्स भी आएगा।

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के कई एसोसिएशंस ने डीए बढ़ने में देरी को लेकर फाइनेंस मिनिस्ट्री को लेटर लिखे हैं। इनमें जल्द डीए में वृद्धि के ऐलान या इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने की गुजारिश की गई है।

सरकार से कर्मचारी संगठनों की मांग

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के प्रेसिडेंट मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार के कैबिनेट की मीटिंग आम तौर पर हर बुधवार को होती है। सरकार ने अब तक न तो डीए बढ़ाने (DA Hike) का ऐलान किया है और न ही इसमें हो रही देर की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द डीए बढ़ाने का ऐलान करना चाहिए या इस ऐलान में हो रही देर की वजहों के बारे में बताना चाहिए।

कर्माचरियों और पेंशनर्स में असंतोष

कॉनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज एंड वर्कर्स ने भी इस बारे में लेटर लिखा है। इसमें कहा गया है कि आम तौर पर डीए का ऐलान मार्च के अंतिम हफ्ते में होता आया है। हर साल तीन महीने का एरियर्स अप्रैल के पहले हफ्ते में मिल जाता है। इसमें देरी होने से एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के बीच असंतोष है।  (DA Hike)

DA बढ़ोतरी में क्यों हो रही देरी?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि पिछले सालों में मार्च में पहली किस्त नोटिफाई हो जाती थी। लेकिन, 2026 की साइकिल में थोड़ी देर हो रही है। बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा कि इसकी वजह एडमिनिस्ट्रेटिव सिक्वेंसिंग और 8वें सीपीसी फ्रेमवर्क की तरफ ट्रांजिशन हो सकती है। इसके लिए अपेडेटेड पे स्ट्रक्चर और इनफ्लेशन डेटा के बीच एलाइनमेंट जरूरी है। उन्होंने कहा कि डीए में वृद्धि में ऐलान की कोई बड़ी वजह नहीं है।

क्या डीए के साथ मर्ज होगा बेसिक पे?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को डीए (DA Hike) की मांग और फिस्कल डिसिप्लिन के बीच संतुलन बनाना चाहिए। खासकर चुनाव से पहले के माहौल में यह और भी जरूरी है। इससे पहले एंप्लॉयीज एसोसिएशन की मांग 50 फीसदी डीए को बेसिक पे के साथ मर्ज करने की थी। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए ऐसा किया जाना चाहिए। लेकिन, केंद्र सरकार ने साफ किया था कि इसका कोई प्रस्ताव उसके पास नहीं है।

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