

Highlights:
आठवें वेतन आयोग की राह देख रहे लाखों कर्मचारियों के लिए एक खुशी की खबर है।
सरकार ने 5वें और छठे वेतन आयोग के पुराने वेतनमान पर DA में बढ़ोतरी की है।
वित्त मंत्रालय ने 29 अक्टूबर 2026 को इस विषय में अलग-अलग आदेश जारी किए।
Dearness Allowance Hike: आठवें वेतन आयोग की राह देख रहे लाखों कर्मचारियों के लिए एक खुशी की खबर है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पांचवें और छठे वेतन आयोग के पुराने वेतनमान पर सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में में बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 29 अक्टूबर 2026 को इस विषय में अलग-अलग आदेश जारी किए। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को हर महीने अधिक महंगाई भत्ता प्राप्त होगा।
5वें केंद्रीय वेतन आयोग के पुराने वेतनमान के तहत सैलरी पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 483% से बढ़ाकर 497% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि DA में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की DA की गणना के लिए मान्य बेसिक पे ₹10,000 है, तो पहले उसे 483% की दर से ₹48,300 महंगाई भत्ता मिलता था। अब 497% की दर से ₹49,700 DA मिलेगा। इस प्रकार कर्मचारी को हर महीने ₹1,400 का अतिरिक्त लाभ होगा।
छठे केंद्रीय वेतन आयोग के पुराने वेतनमान और ग्रेड पे के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 262% से बढ़ाकर 269% कर दिया गया है। इसमें 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक पे और ग्रेड पे मिलाकर ₹20,000 है, तो पहले उसे 262% की दर से ₹52,400 महंगाई भत्ता मिलता था। नई दर के अनुसार यह बढ़कर ₹53,800 हो जाएगा। इस प्रकार कर्मचारी को हर महीने ₹1,400 अधिक महंगाई भत्ता मिलेगा।
वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को जुलाई से बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा। जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीनों का एरियर भी बन सकता है। हालांकि, इसका भुगतान कब और किस प्रकार होगा, यह संबंधित विभाग के निर्देशों पर निर्भर करेगा।
हां। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% से बढ़ाकर 63% कर दिया गया है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। हालांकि, 5वें और 6वें वेतन आयोग के लिए जारी नया आदेश केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा, जो अभी भी पुराने ग्रेड पे के तहत वेतन ले रहे हैं।