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वेतन से ज्यादा पेंशन पर खर्च कर रही है केंद्र सरकार, सामने आए ये दिलचस्प आंकड़े

2025-26 के केंद्रीय बजट में वेतन पर 1.66 लाख करोड़ रुपये और पेंशन पर 2.77 लाख करोड़ खर्च करने का अनुमान है। पिछले तीन वर्षों में वेतन और पेंशन आवंटन लगभग अपरिवर्तित रहे हैं।

  • By मनोज आर्या
Updated On: Feb 25, 2025 | 08:29 AM

प्रतीकात्मक तस्वीर

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 2025-26 के बजट में पेंशन और सैलरी पर खर्च को लेकर एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। बजट प्रोफाइल दस्तावेजों के अनुसार, 2023-24 से पेंशन पर खर्च वेतन से अधिक हो गया है। यह प्रवृति 2025-26 के बजट में भी जारी रहने की उम्मीद है। इसका असर 8वें वेतन आयोग पर दिखाई दे सकता है।

2025-26 के केंद्रीय बजट में वेतन पर 1.66 लाख करोड़ रुपये और पेंशन पर 2.77 लाख करोड़ खर्च करने का अनुमान है। पिछले तीन वर्षों में वेतन और पेंशन आवंटन लगभग अपरिवर्तित रहे हैं, लेकिन 2023-24 से पहले तक सैलरी खर्च पेंशन से काफी अधिक था। विशेष रूप से, 2022-23 और 2023-24 के वेतन खर्च में रुपये 1 लाख करोड़ की भारी गिरावट आई है। 2023-24 के बाद यह प्रवृति लगभग समान बनी हुई है। यह संकेत देता है कि वेतन खर्च में भारी कमी आई है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि सरकारी कर्मचारियों की संख्या में भी कमी आई होगी।

वेतन खर्च में आई है तेज गिरावट

वेतन और पेंशन खर्च बजट दस्तावेज में स्थापना व्यय के अंतर्गत आते हैं। इन दोनों श्रेणियों के अलावा, स्थापना व्यय में अन्य नाम एक श्रेणी भी शामिल है। 2017-18 से उपलब्ध तुलनात्मक आकंडों के अनुसार, कुल स्थापना व्यय लगातार बढ़ा है, भले ही 2022-23 के बाद वेतन खर्च में तेज गिरावट आई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से अन्य श्रेणी के लिए आवंटन में वृद्धि के कारण हुई है।

बजट के खर्च प्रोफाइल हिस्से में कर्मचारियों को किए जाने वाले भुगतना को विस्तार से बताया गया है। इन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। वेतन, भत्ते (यात्रा खर्च को छोड़कर) और यात्रा व्यय। वर्ष 2017-18 से इस मद के कुल आवंटन में कोई गिरावट नहीं दिखती। यहां तक कि सरकरा द्वारा नियोजित कर्मचारियों की संख्या 2017-18 से 2025-26 के बीच 32 से 37 लाख के बीच बनी हुई है।

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बजट अनुमान 2023-24 में क्यों कमी आई है

हालांकि, वेतन मद के लिए आवंटन में ठहराव आ गया है, जबकि 2023-24 से भत्ते मद के लिए आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बजट अनुमान 2023-24 में वेतन मद के आवंटन में इसलिए कमी आई है, क्योंकि वेतन में अब महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता आदि जैसे भत्ते शामिल नहीं है, जिन्हें 2023-24 से भत्ते (यात्रा खर्च को छोड़कर) मद के तहत समाहित कर दिया गया है। यह परिवर्तन बताता है कि कुल व्यय कम नहीं हुआ है, बल्कि इसे अलग-अलग श्रेणियों में फिर से वर्गीकृत किया गया है।

Central government is spending more on pension than salary these interesting figures came out

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Published On: Feb 25, 2025 | 08:17 AM

Topics:  

  • Budget 2025
  • Central Government
  • Union Budget

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