EPF खाताधारकों की उम्मीदें टूटीं, 8.5 फीसदी की दर से ही मिलेगा ब्याज, सरकार ने लगाई मुहर
केंद्र सरकार की ओर से ईपीएफ इंटरेस्ट रेट की घोषणा कर दी गई है। सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि की ब्याज दर में कोई बदलाव न करते हुए 8.25 फीसदी के रेट को मंजूरी दे दी है।
- Written By: यतीश श्रीवास्तव
ईपीएफ इंटरेस्ट की घोषणा
नई दिल्ली: ईपीएफ खाता धारकों को इस साल उम्मीद थी कि ईपीएफ इंटरेस्ट रेट में शायद कुछ बढ़ोतरी हो लेकिन केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जमा राशि पर 8.25 फीसदी ब्याज दर घोषित कर दिया है। इससे देश के करीब 7 करोड़ कर्मचारियों की ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।
केंद्र सरकार की ओर से ईपीएफ कर्मचारी खाताधारकों के लिए 8.25 ब्याज दर को मंजूरी दे दी गई है। यह इंटरेस्ट रेट 2023-24 के बराबर ही रखी गई है। इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ईपीएफओ की 237वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया है। ईपीएफ इंटरेस्ट रेट लगातार स्थिर बना हुआ है जिससे सेविंग्स पर असर पड़ता है।
फरवरी 2024 की बैठक में हो गया था निर्णय
श्रम मंत्रालय के मुताबिक वित्त मंत्रालय की ओर से ईपीएफ पर 8.25% ब्याज दर को स्वीकृति दे दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक सूचना ईपीएफओ को भेज दी गई है। इसी इंटरेस्ट रेट पर कर्मचारियों को खाते पर लाभ दिया जाएगा। यह इंटरेस्ट रेट पिछले साल के मुताबिक ही रखा गया है। पिछले साल फरवरी 2024 में हुई बैठक के दौरान ही यह निर्णय लिया गया था।
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ब्याज दर स्थिर बने रहने से किसका नुकसान
इपीएफ ब्याज दर में पिछले कुछ वर्षों से कुछ खास बदलाव नहीं किया गया है। ब्याज दर में कोई खास परिवर्तन नहीं किया गया है। यदि आप बीते चार वित्तीय वर्ष में ईपीएफ इंटरेस्ट देखें तो कुछ खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी।
- 2023-24 में ईपीएफ दर 8.25 फीसदी।
- 2022-23 में यह 8.15 फीसदी थी।
- 2021-22 में ब्याज दर 8.1 फीसदी थी।
- 2020-21 में इंटरेस्ट रेट में 8.5 फीसदी था।
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कर्मचारियों की सेविंग्स और रिटर्न भी प्रभावित
ईपीएफ ब्याज दर में बढ़ोतरी न होने से कर्मचारियों की भविष्य की सेविंग्स पर भी असर पड़ता है। ईपीएफ में ब्याज दर में बढ़ोतरी नहीं होने से कर्मचारियों को अंत में एकमुश्त रिटर्न भी कम ही मिलता है। इससे कर्मचारियों में फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर चिंता बढ़ रही है। इस बार भी ईपीएफ इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
