केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! पेंशन स्कीम के नियम बदल गए, जानें क्या है नया फायदा
केंद्र सरकार ने पेंशन स्कीम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था से केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। जानें क्या हैं नए नियम और किसे होगा फायदा।
- Written By: मनोज आर्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (फाइल फोटो)
NPS To UPS Switch: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है। अब NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) और UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) में निवेश करने वाले कर्मचारियों को अपने पैसे के निवेश पर पहले की तुलना में कहीं ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने निवेश विकल्पों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी है, जिससे सब्सक्राइबर्स अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से बेहतर चुनाव कर सकेंगे। अभी तक ज्यादातर सरकारी कर्मचारी ‘डिफॉल्ट स्कीम’ में ही बने रहते थे और सिर्फ करीब 4% ने ही अलग विकल्प चुना था।
डिफॉल्ट स्कीम में कर्मचारियों का योगदान पहले से तय एसेट एलोकेशन पैटर्न के अनुसार तीन पेंशन फंड्स द्वारा मैनेज किया जाता है। लेकिन वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना के बाद PFRDA ने दो नए ऑटो चॉइस विकल्प जोड़े हैं, जो उन कर्मचारियों के लिए हैं जो लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न के लिए ज्यादा इक्विटी जोखिम लेने को तैयार हैं।
सरकारी कर्मचारियों के पास अब छह ऑप्शन
अब सरकारी कर्मचारियों के पास कुल छह विकल्प हैं- डिफॉल्ट स्कीम, 100% G-Sec वाला एक्टिव चॉइस, और चार अलग-अलग लाइफ साइकिल मॉडल जिनमें इक्विटी की हिस्सेदारी उम्र के साथ धीरे-धीरे कम होती जाती है। नए विकल्पों में सबसे खास हैं ऑटो चॉइस एलसी 75 (हाई रिस्क) और एलसी एग्रेसिव, जिन्हें खास तौर पर युवा कर्मचारियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। LC 75 मॉडल में 35 साल की उम्र तक 75% तक पैसा इक्विटी में लग सकता है, जो 55 की उम्र तक घटकर 15% हो जाएगा।
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वहीं, एलसी एग्रेसिव मॉडल में 45 साल की उम्र तक 50% इक्विटी और 55 साल तक भी 35% तक इक्विटी एक्सपोज़र बरकरार रहता है। इन विकल्पों का उद्देश्य यह है कि कर्मचारी लंबी अवधि में मार्केट ग्रोथ का फायदा उठाकर बड़ा रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार कर सकें।
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कर्मचारियों को चुनना होगा एक नॉन-डिफॉल्ट विकल्प
जो कर्मचारी डिफॉल्ट स्कीम से बाहर आना चाहते हैं, उन्हें उपलब्ध पांच नॉन-डिफॉल्ट विकल्पों में से एक चुनना होगा और PFRDA के 10 पेंशन फंड मैनेजर्स में से एक को सिलेक्ट करना होगा। PFRDA ने सभी सब्सक्राइबर्स को सलाह दी है कि वे समय-समय पर स्कीम की परफॉर्मेंस देखें और समझदारी से चुनाव करें। इन स्कीमों का अपडेटेड रिटर्न डेटा NPS ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अच्छी बात यह है कि नए विकल्प CRA प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हो चुके हैं, यानी सरकारी कर्मचारी इन्हें तुरंत चुनकर अपना निवेश प्रोफाइल बदल सकते हैं।
