Budget 2026: स्मार्टफोन खरीदना होगा बेहद सस्ता, निर्मला सीतारमण के इन 4 फैसलों ने मार्केट में मचाई हलचल
Electronics Sector: स्मार्टफोन्स में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर मोबाइल बैटरीज सभी का भारत में उत्पादन होगा और इनपर आने वाली लागत भी घटेगी। वित्तमंत्री के घोषणाओं के बाद बाजार में हलचल तेज है।
- Written By: मनोज आर्या
(कॉन्सेप्ट फोटो)
Union Budget 2026: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार सुबह देश का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें कई पहलुओं पर विस्तार से बड़ी घोषणाएं की गईं। भले ही सरकार ने सीधे स्मार्टफोन्स की कीमतों को लेकर कुछ ना कहा हो लेकिन बजट में उठाए गए चार बड़े कदम तय करते हैं कि देश में स्मार्टफोन्स सस्ते होने वाले हैं।
स्मार्टफोन्स में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर मोबाइल बैटरीज सभी का भारत में उत्पादन होगा और इनपर आने वाली लागत भी घटेगी। साफ है कि इसका फायदा ग्राहकों तक भी पहुंचेगा।
सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन महत्वपूर्ण कदम
भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन को लेकर जो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, वे तय करेंगे कि भविष्य में स्मार्टफोन्स की कीमतों में क्या बदलाव होंगे। आइए आपको बताते हैं कि बजट की कौन सी चार बड़ी बातें स्मार्टफोन्स की कीमत में कटौती के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।
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आत्मनिर्भरता की ओर भारत
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर जोर दिया है। किसी भी फोन में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स का भारत में निर्माण तेजी किया जाएगा। इनके भारत में बनने से इंपोर्ट पर आने वाली लागत और विदेशी निर्भरता कम होगी। ऐसे में स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट और बाद में कीमत कम हो सकती है।
बैटरी उत्पादन की घटेगी लागत
बजट में लिथियम-आयन सेल (Lithium-Ion Cells) को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में कटौती कर दी है। स्मार्टफोन्स की लागत में बैटरी का बड़ा हिस्सा होता है, ऐसे में उनकी कीमत पर भी बैटरी की लोकल मैन्युफैक्टरिंग का सकारात्मक असर दिखेगा।
इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना
स्मार्टफोन्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ढेरों कंपोनेंट्स को अभी विदेश से इंपोर्ट या आयात करना पड़ता है। सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणाएं साफ करती हैं कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत किया जाएगा। स्मार्टफोन जैसे एडवांस्ड टेक प्रोडक्ट्स को इसका फायदा मिलेगा क्योंकि भारत में मैन्युफैक्चरिंग के बाद इंपोर्ट पर लगने वाले टैक्स और ड्यूटीज से कंपनियों को सीधी छूट मिल जाएगी।
IT और टेलिकॉम के लिए आवंटन
सरकार ने IT और टेलिकॉम सेक्टर के लिए 74,560 करोड़ रुपये का बजट 2026 आवंटित किया है। यह बड़े स्तर पर मजबूत बुनियादी ढांचे और टेक्नोलॉजी से जुड़े डिवेलपमेंट का संकेत है। विदेशी निवेश भारत में आने में आसानी हो इसके लिए बॉन्डेड डोम में काम करने वाले मैन्युफैक्चरर्स को उपकरणों और कैपिटल गुड्स ऑफर करने वाले नॉन-रेजिटेंड्स को भी टैक्स से छूट दी गई है, जिससे विदेशी कंपनियां भारत में ही प्रोडक्शन शुरू करें।
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कितना सस्ता होगा स्मार्टफोन?
फिलहाल यह साफ नहीं है कि स्मार्टफोन्स की कीमतें कितनी घट सकती हैं। हालांकि, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स से जुड़ी नीतियों और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में टैक्स छूट दिखाते हैं कि सरकार स्मार्टफोन्स को बनाने में आने वाली लागत कम करने की दिशा में कदम उठा रही है। इस बदलावों का असर जल्द मार्केट में देखने को मिलेगा और कंपनियां ग्राहकों को इसका सीधा फायदा पहुंचा सकती हैं।
