बजट 2026: 'सुधार एक्सप्रेस' के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम; MSME, कृषि और पर्यटन पर भारी निवेश

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 को आज पेश किया उन्होंने लोकलुभावन वादों के बजाय कृषि, पर्यटन और छोटे उद्योगों पर काफी निवेश बढ़ाया है।
Budget 2026: Taking steps towards self-reliance through the 'Reform Express'; massive investment in MSMEs, agriculture, and tourism.
बजट 2026 में कृषि और पर्यटन पर भारी निवेश, फोटो (सो. एआई)
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Union Budget 2026 Infrastructure Spend: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। चुनावी आहटों के बावजूद, सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं से दूरी बनाए रखी और 'सुधार एक्सप्रेस' को पटरी पर रखा। ₹53.5 लाख करोड़ के इस बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के साथ-साथ कृषि, पर्यटन और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है।

पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक उछाल

सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास को आर्थिक गति का मुख्य आधार माना है। इस वर्ष पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर ₹12.22 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹11.2 लाख करोड़ से काफी अधिक है। यह अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। सरकार का लक्ष्य सात रणनीतिक क्षेत्रों औषधि, सेमीकंडक्टर, दुर्लभ-खनिज चुंबक, रसायन, वस्त्र, खेल सामग्री और पूंजीगत वस्तुओं में विनिर्माण को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

शेयर बाजार पर 'कर' का झटका

बजट भाषण के दौरान वायदा एवं विकल्प (F&O) खंड में प्रतिभूति सौदा कर (STT) बढ़ाए जाने की घोषणा ने शेयर बाजार को हिला दिया।

F&O सेगमेंट: एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया।

विकल्प (Options): कर 0.01% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। नतीजतन, बीएसई सेंसेक्स 1,547 अंक टूट गया और निफ्टी में 495 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

MSME और स्टार्टअप्स के लिए 'ग्रोथ फंड'

लघु उद्योगों को भविष्य का 'चैंपियन' बनाने के लिए सरकार ने ₹10,000 करोड़ का एसएमई वृद्धि कोष बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह कोष चुनिंदा मानदंडों के आधार पर छोटे उद्यमों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगा। साथ ही, विनिर्माण इकाइयों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने के लिए 350 से अधिक संरचनात्मक सुधारों को लागू करने की बात कही गई है।

कृषि, पर्यटन और बायोफार्मा पर बड़ा दांव

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुधन, मत्स्य पालन और उच्च मूल्य वाली कृषि फसलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

बायोफार्मा: भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए अगले 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।

पर्यटन: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 'इको-फ्रेंडली' पर्वतीय मार्गों का विकास किया जाएगा। साथ ही, 15 नए पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर विकसित किया जाएगा।

डिजिटल क्रांति: डेटा सेंटर्स को 20 साल की टैक्स छूट

भारत को वैश्विक डेटा हब बनाने की दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। वैश्विक डेटा सेंटर सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक कर छूट देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा, विदेशी 'क्लाउड' कंपनियों को परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए 15 प्रतिशत की विशेष छूट का प्रस्ताव दिया गया है।

कनेक्टिविटी: नया माल ढुलाई गलियारा और हाई-स्पीड रेल

बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने के लिए पूर्व में दानकुनी से पश्चिम में सूरत तक एक नया माल ढुलाई गलियारा (Freight Corridor) स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, शहरों के बीच सुगम यात्री परिवहन के लिए सात 'हाई-स्पीड' रेल गलियारों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।

राजकोषीय अनुशासन और 'विकसित भारत' का लक्ष्य

वैश्विक स्तर पर डोनाल्ड ट्रंप की व्यापारिक नीतियों और अस्थिर जिंस कीमतों के बीच, सीतारमण ने राजकोषीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है। सरकार का इरादा ऋण-जीडीपी अनुपात को 56.1% से घटाकर 55.6% करने का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को 'अवसरों का राजमार्ग' बताते हुए कहा कि यह 2047 तक विकसित भारत की यात्रा की मजबूत नींव है।

आयकर और सीमा शुल्क में बदलाव

हालांकि व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन सीमा शुल्क व्यवस्था को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

कैंसर की दवाओं को बड़ी राहत

सरकार ने 17 जीवन रक्षक कैंसर दवाओं पर सीमा शुल्क से पूरी छूट देने का फैसला किया है, जिससे मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।

आयातित वस्तुओं पर शुल्क में कटौती

व्यक्तिगत उपयोग के लिए मंगाई जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाला शुल्क घटाकर अब 10 प्रतिशत कर दिया गया है।

नया आयकर अधिनियम 2025 लागू

नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल से प्रभावी होगा, जिसमें फॉर्म भरने की प्रक्रिया और नियमों को बेहद सरल बनाया गया है।

पर्यावरण की सुरक्षा के लिए 'कार्बन कैप्चर'

अंत में, बजट में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए 'कार्बन कैप्चर' (CCUS) तकनीक पर ₹20,000 करोड़ खर्च करने और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पुर्जों पर आयात शुल्क हटाने जैसे भविष्योन्मुखी कदम भी उठाए गए हैं। यह बजट विकास, विश्वास और वैश्विक एकीकरण का एक अनूठा संगम है।

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