Budget 2026: क्या सरकार 4.5% राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर पाएगी? जानें विशेषज्ञों की राय
Budget 2026 Deficit Target: बजट 2026 में सरकार का लक्ष्य राजकोषीय घाटे को 4.5% से नीचे लाना है। विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत टैक्स कलेक्शन और विनिवेश के जरिए यह चुनौतीपूर्ण लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- Written By: प्रिया सिंह
सरकार बजट 2026 4.5% राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर पाएगी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Can India Achieve 4.5 Percent Fiscal Deficit: आगामी केंद्रीय बजट 2026 की तैयारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के लक्ष्य को लेकर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले ही संकेत दिया था कि सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाना है।
हालांकि, मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में बढ़ती वैश्विक चुनौतियों और लोक-लुभावन योजनाओं के दबाव के बीच इस लक्ष्य को पाना एक कठिन चुनौती नजर आ रही है। अगर सरकार इस लक्ष्य को हासिल कर लेती है, तो यह वैश्विक निवेशकों के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वित्तीय अनुशासन का एक बड़ा प्रमाण होगा।
राजकोषीय अनुशासन की राह
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.4 प्रतिशत तय किया था, जो पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कम है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार को अपने खर्चों में भारी कटौती और राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि करनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैक्स कलेक्शन में उछाल बना रहता है, तो सरकार आसानी से इस आंकड़े के करीब पहुंच सकती है।
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चुनौतियां और वैश्विक दबाव
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव भारतीय खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च और ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए आवश्यक फंड की कमी घाटे को बढ़ा सकती है। ऐसे में सरकार को विकास की गति और वित्तीय घाटे के बीच एक बारीक संतुलन बनाने की जरूरत है।
राजस्व वृद्धि की उम्मीदें
GST और प्रत्यक्ष करों (Direct Taxes) के संग्रह में हुई रिकॉर्ड वृद्धि सरकार के लिए उम्मीद की एक बड़ी किरण है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के विनिवेश से मिलने वाला फंड भी घाटे को कम करने में सहायक हो सकता है। अगर गैर-कर राजस्व (Non-tax Revenue) के लक्ष्य पूरे होते हैं, तो सरकार 4.4 प्रतिशत के संशोधित लक्ष्य को भी मात दे सकती है।
बजट 2026 का रोडमैप
1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट में सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए एक नया ‘ग्लैंड पाथ’ (Glide Path) पेश कर सकती है। रेटिंग एजेंसियों जैसे ICRA ने अनुमान लगाया है कि सरकार अगले साल यानी 2026-27 के लिए घाटे का लक्ष्य 4.3 प्रतिशत तक रख सकती है। यह भविष्य में कर्ज के बोझ को कम करने और क्रेडिट रेटिंग सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
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अर्थशास्त्रियों का नजरिया
ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सरकार राजकोषीय मोर्चे पर अपनी विश्वसनीयता खोना नहीं चाहेगी। पूंजीगत व्यय (Capex) को प्राथमिकता देते हुए घाटे को नियंत्रित करना ही सरकार की मुख्य रणनीति रहने वाली है। हालांकि, कुछ जानकारों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक मंदी का असर घरेलू विकास दर पर पड़ा, तो घाटे के आंकड़े उम्मीद से ऊपर जा सकते हैं।
