Budget 2026: छोटे शहरों के लिए UDAN योजना का विस्तार, क्या इस बजट में होगा कुछ खास?
UDAN Scheme: उड़ान योजना केवल यात्रा का साधन नहीं है, बल्कि छोटे शहरों के लिए आर्थिक इंजन है। जब किसी शहर में एयरपोर्ट शुरू होता है, तो वहां रियल एस्टेट, होटल इंडस्ट्री और स्थानीय व्यापार बढ़ते हैं।
- Written By: मनोज आर्या
बजट 2026, (डिजाइन फोटो- AI)
UDAN Scheme In Budget 2026: जैसे-जैसे फरवरी 2026 का बजट करीब आ रहा है, एविएशन सेक्टर और आम जनता की निगाहें ‘उड़ान’ (Ude Desh ka Aam Nagrik – UDAN) योजना पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़े” के सपने को साकार करने वाली यह योजना अब अपने अगले और अधिक महत्वाकांक्षी चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है।
बजट 2026 में वित्त मंत्री द्वारा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) के लिए आवंटन में 15-20% की बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है। इस बजट का मुख्य केंद्र टायर-2 और टायर-3 शहरों के उन हवाई पट्टियों को चालू करना होगा, जो अब तक केवल कागजों पर हैं।
इस बजट में क्या हो सकता है खास?
1. हेलिकॉप्टर और सीप्लेन पर विशेष जोर
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बजट 2026 में सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वोत्तर) और तटीय इलाकों के लिए हेलिकॉप्टर और सीप्लेन सेवाओं के लिए अलग से ‘फंड’ का प्रावधान किया जा सकता है। यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में भी क्रांति लाएगा।
2. पुराने एयरफील्ड्स का कायाकल्प
देश में 400 से अधिक अप्रयुक्त हवाई पट्टियां हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में कम से कम 50 नए ‘नो-फ्रिल्स’ एयरपोर्ट्स के विकास के लिए बड़ी राशि आवंटित की जा सकती है। इससे नागपुर, इंदौर और गुवाहाटी जैसे हब से छोटे जिलों की सीधी कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
3. एविएशन टर्बाइन फ्यूल और टैक्स में राहत
क्षेत्रीय एयरलाइंस के परिचालन खर्च को कम करने के लिए बजट में ATF पर लगने वाले करों को युक्तिसंगत बनाने की मांग की जा रही है। यदि सरकार इस पर राहत देती है, तो छोटे शहरों के लिए टिकट की कीमतें ₹2,500 की सीमा के भीतर बनी रह सकेंगी।
आर्थिक विकास का इंजन बनेगी यह योजना
उड़ान योजना केवल यात्रा का साधन नहीं है, बल्कि यह छोटे शहरों के लिए आर्थिक इंजन है। जब एक छोटे शहर में एयरपोर्ट शुरू होता है, तो वहां रियल एस्टेट, होटल इंडस्ट्री और स्थानीय व्यापार में 30% तक की वृद्धि देखी जाती है। हालांकि, योजना सफल रही है, लेकिन कई रूट ‘डिमांड’ की कमी के कारण बंद हो गए हैं। बजट 2026 में सरकार ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ (VGF) की अवधि को 3 साल से बढ़ाकर 5 साल करने का विचार कर सकती है, ताकि एयरलाइंस को नए रूट पर जमने का पर्याप्त समय मिल सके।
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भारतीय एविएशन के लिए यह अहम साल
बजट 2026 से उम्मीद है कि यह ‘उड़ान’ को केवल बड़े शहरों से जोड़ने तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि छोटे शहरों को आपस में जोड़कर (Inter-city connectivity) एक नया जाल बिछाएगा। यदि घोषणाएं उम्मीद के मुताबिक रहीं, तो 2026 भारतीय एविएशन के इतिहास में ‘लोकल कनेक्टिविटी’ का साल साबित होगा।
