बजट 2026, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Union Budget 2026: आगामी 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट न केवल देश की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील रहने वाला है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब अपना पिटारा खोलेंगी, तो सबकी निगाहें इस पर होंगी कि क्षेत्रीय विकास के मामले में बिहार, उत्तर प्रदेश या पश्चिम बंगाल में से किसका पलड़ा भारी रहता है।
बिहार के लिए यह बजट सबसे ज्यादा ‘हाई-स्टेक’ वाला है। केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन (NDA) में बिहार की क्षेत्रीय पार्टियों की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण इस बार बिहार को ‘बंपर’ आवंटन मिलने की संभावना है। बिहार को कोसी और गंडक जैसी नदियों के कारण होने वाली बाढ़ से निपटने के लिए एक स्थायी समाधान और बड़े जल प्रबंधन पैकेज की उम्मीद है।
इसके साथ ही पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे और रक्सौल-हल्दिया कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए बजट में भारी धनराशि का प्रावधान हो सकता है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड जीत और केंद्र में सहयोगियों के दबाव के कारण बिहार को ‘विशेष वित्तीय पैकेज’ (Special Financial Package) मिलने की प्रबल संभावना है।
उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का इंजन बनने की ओर अग्रसर है। योगी सरकार ने राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें केंद्र का सहयोग अनिवार्य है। बजट 2026 में यूपी डिफेंस कॉरिडोर के अगले चरण के लिए बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। साथ ही, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए विशेष फंड मिल सकता है।
वहीं, धार्मिक पर्यटन के रूप में अयोध्या, काशी और मथुरा के विकास के बाद अब ‘महाकुंभ 2025’ की सफलता के बाद सरकार पर्यटन को रोजगार से जोड़ने के लिए नए सर्किट की घोषणा कर सकती है। इसके अलावा यूपी के विशाल कृषि क्षेत्र को देखते हुए गन्ने और अनाज के भंडारण के लिए ‘एग्री-लॉजिस्टिक हब’ की सौगात मिल सकती है।
पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव जगजाहिर है, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर बंगाल की उपेक्षा करना मुश्किल है। बंगाल को भारत के ‘ईस्टर्न गेटवे’ के रूप में विकसित करने के लिए पोर्ट कनेक्टिविटी और मालगाड़ी कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) पर फोकस रह सकता है। वहीं, बंगाल में लघु उद्योगों का बड़ा नेटवर्क है।
केंद्र सरकार ‘विश्वकर्मा योजना’ या ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बंगाल के कारीगरों के लिए विशेष क्रेडिट स्कीम ला सकती है। वहीं, कोलकाता मेट्रो के विस्तार और उत्तर बंगाल की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बजट में विशेष आवंटन की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि बिहार और उत्तर प्रदेश को बजट 2026 में सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। बिहार को जहां राजनीतिक मजबूरी और बाढ़ राहत के नाम पर फंड मिल सकता है, वहीं उत्तर प्रदेश को अपनी विशाल आबादी और ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका के कारण हाईवे, एयरवेज और डिफेंस सेक्टर में बड़ा हिस्सा मिलना तय है।
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बंगाल को बुनियादी ढांचे और रेलवे के जरिए राहत मिलने की संभावना है, लेकिन ‘डायरेक्ट स्टेट पैकेज’ के मामले में वह यूपी-बिहार से पीछे रह सकता है। हालांकि, कुछ अन्य एक्सपर्ट्स का दावा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार कुछ बड़ा ऐलान कर सकती है।