विदेशी मुद्रा भंडार के आंकडे़ में भारी उछाल, मोदी सरकार ने बनाया नया रिकॉर्ड
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए हैं। जिसके मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार 2.299 अरब डॉलर बढ़कर 683.987 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अब तक के इतिहास में यह सबसे उच्चम स्तर है।
- Written By: शानू शर्मा
विदेशी मुद्रा भंडार में भारी उछाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
नवभारत डेस्क: विदेशी मुद्रा भंडार के आंकडे़ को देखने के बाद मोदी सरकार में खुशी की लहर होगी। विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार तीसरे सप्ताह जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त के आखिरी सप्ताह में लगभग 14 अरब डॉलर बढ़ गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए हैं। जिसके मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार 2.299 अरब डॉलर बढ़कर 683.987 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अब तक के इतिहास में यह सबसे उच्चम स्तर है।
बता दें कि इससे पहले 16 अगस्त को विदेशी मुद्रा भंडार 4.546 अरब डॉलर और 23 अगस्त को 7.023 अरब डॉलर बढ़ा था। तीन सप्ताह में विदेशी मुद्दा भंडार में 13.868 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है।
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इस बात की जानकारी देते हुए RBI ने बताया कि 30 अगस्त को विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स 599.037 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जिसमें 1.485 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही स्वर्ण भंडार 61.859 अरब डॉलर पहुंच गया। जिसमें 86.2 अरब डॉलर की बढ़ेतरी दखी गई।
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इसके अलावा विशेष आहरण अधिकार 18.468 अरब डॉलर पर रहा। जिसमें 90 लाख डॉलर की वृद्धि हुई है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 5.8 करोड़ घटकर 4.622 अरब डॉलर रह गई।
बता दें कि विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में चीन सबसे पहले स्थान पर है। इसके बाद जापान और स्विट्जरलैंड का नाम है। वहीं चौथे नंबर पर भारत का स्थान है। आरबीआई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ साल से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो कि देश के लिए खुशी की बात है।
विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होने से देश संकट के समय के लिए ज्यादा निश्चिंत रहता है। साथ ही इससे रुपये में आने वाले किसी भी तेज गिरावट को नियंत्रित करने के लिए RBI के पास बाजार में हस्तक्षेप के ज्यादा विकल्प होते हैं।
