दूरसंचार संस्थानों को फिर से मिलेगी रफ्तार, केंद्र ने बनाई नई वित्तीय योजना

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा ITI ऐसा संस्थान जिसने हमारे देश की दूरसंचार क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हम सभी संस्थाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।
ITI लिमिटेड के पुनरुद्धार की ओर सरकार का बड़ा कदम, होगी आर्थिक मजबूती
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया (फोटो- सोशल मीडिया)
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बेंगलुरु: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार इंडियन टेलीकॉम इंडस्ट्रीज (आईटीआई) लिमिटेड को वित्तीय रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए रणनीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय आईटीआई लिमिटेड को एक स्थायी उद्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंधिया ने यहां सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आईटीआई लिमिटेड का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, “आईटीआई एक ऐसा संस्थान है जिसने हमारे देश में दूरसंचार क्रांति में अभूतपूर्व योगदान दिया है। रोटरी और पुश-बटन डायल फ़ोन बनाने से लेकर प्रमुख दूरसंचार उपकरण, रेडियो एक्सेस नेटवर्क, राउटर और पीसीबी बोर्ड बनाने तक, आईटीआई ने जो अनुकूलन और प्रौद्योगिकी प्रगति की है, वह उल्लेखनीय रही है।”

सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कंपनी के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। सिंधिया ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दूरसंचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आईटीआई और भी अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि यह क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्रालय आईटीआई की प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षमताओं के आधुनिकीकरण में सहायता कर रहा है, सिंधिया ने कहा, “हां। मेरा मानना ​​है कि आईटीआई के प्रबंधन को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए।”

संगठन को सही करना मंत्रालय की जिम्मेदारी उन्होंने आगे कहा, मंत्रालय की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि संगठन टिकाऊ हो। इस समय, हम आईटीआई को वित्तीय रूप से और मजबूत बनाने के लिए कई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि समग्र सरकारी दृष्टिकोण इसे हासिल करने में मददगार साबित होगा।

कंपनी ने दूरसंचार में तकनीक के साथ क्रांति की

आईटीआई एक ऐसी संस्था है जिसने हमारे देश की दूरसंचार क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आईटी द्वारा की गई तकनीकी प्रगति के साथ-साथ अनुकूलन भी जबरदस्त रहा है। इसने रोटरी और पुश-बटन डायल फोन के निर्माण से लेकर कोर उपकरण, दूरसंचार उपकरण, रेडियो एक्सेस नेटवर्क, राउटर और पीसीबी बोर्ड के उत्पादन तक के परिवर्तन को संभव बनाया है। मैं आशा करता हूँ कि जैसे-जैसे दूरसंचार क्रांति देश में फैलती जाएगी, आईटीआई प्रौद्योगिकी में और अधिक मौलिक भूमिका निभाएगा।

सिंधिया का डाक सेवकों के साथ रिश्ता

वहीं ग्रामीण डाक कर्मचारियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ग्रामीण डाक सेवकों के साथ मेरा रिश्ता किसी भाषा पर आधारित नहीं है। मेरा उनके साथ दिल से दिल का रिश्ता है। आज, भारत के पास डाक क्षेत्र के सबसे सक्षम संगठनों में से एक है। पीएम मोदी के नेतृत्व में, राष्ट्र निर्माण और आम लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस संस्थान का उपयोग करना हमारा संकल्प है। हमने देश के लोगों के लाभ के लिए, अपने लगभग 275,000 लोगों की कड़ी मेहनत के आधार पर कई कदम उठाए हैं। मुझे विश्वास है कि यह संगठन डाक सेवा और सार्वजनिक सेवा की इस भावना को प्रदान करने में सफल होगा।"

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