अनिल अंबानी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Anil Ambani In Superme Court: देश के दिग्गज कारोबारी और अरबपति मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कथित बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें नया समन भेजते हुए तलब किया है, तो वहीं दूसरी ओर अनिल अंबानी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर ये आश्वासन दिया गया है कि मैं ईडी की जांच में पूरा सहयोग करूंगा और बिना इजाजत देश नहीं छोड़ूंगा।
गौरतलब है कि अनिल अंबानी पर ईडी की जांच उनके नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों द्वारा कथित 40000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के केस में चल रही है। बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की जांच के संबंध में SC में एक PIL में एफिडेविट फाइल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में अनिल अंबानी ने कहा कि संबंधित कंपनियों में उनका रोल सिर्फ एक नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का था और वह उन कंपनियों के रोजाना के मैनेजमेंट या ऑपरेशनल मामलों में बिल्कुल भी शामिल नहीं थे। एफिडेविट में उन्होंने आगे कहा है कि वह बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे। अंबानी ने बताया कि जुलाई 2025 में जब इस मामले की ईडी जांच शुरू हुई थी, तब से अब तक उन्होंने भारत नहीं छोड़ा है और फिलहाल भी भारत से बाहर जाने का कोई प्लान या इरादा नहीं है। उन्होंने अदालत से वादा करते हुए कहा है कि अगर विदेश यात्रा की कोई जरूरत पड़ी भी तो वह ऐसी यात्रा करने से पहले सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेंगे।
अनिल अंबानी ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह चल रही जांच के सिलसिले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करते रहेंगे। एफिडेविट में कहा गया कि बताए गए व्यवहार, कमिटमेंट और लगातार सहयोग से साफ है कि देश से भागने का कोई रिस्क नहीं है और न ही कानूनी प्रोसेस से बचने का कोई इरादा है।
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इससे पहले ईडी ने 40,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड जुड़े इस मामले में अनिल अंबानी को नया समन जारी किया था, क्योंकि बुधवार को वे इस सप्ताह निर्धारित तारीख को ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके साथ ही ईडी ने उन्हें 26 फरवरी को हेडक्वार्टर में तलब भी किया। इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के तहत ईडी ने अनिल अंबानी और समूह की कंपनियों के करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।