हवाई यात्रियों की बढ़ी टेंशन! तेल की किल्लत से एयरलाइंस बेहाल, दर्जनों उड़ानें रद्द होने का खतरा
Aviation Turbine Fuel: नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे एक लेटर में एफआईए ने सुझाव दिया है की एयरलाइन के ऑपरेशनल को चालू रखने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों के मामले में तत्काल मदद की जरूरत है।
- Written By: मनोज आर्या
इंडिगो एयरलाइन, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Aviation Turbine Fuel Shortage: जेट फ्यूल की कीमतों में तेजी से हुई बढ़ोतरी की वजह से एयरलाइन कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। अगर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो फ्लाइट सर्विस के ठप होने का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, भारत की टॉप एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। FIA ने कहा है कि मौजूदा कीमतों का माहौल एयरलाइन कंपनियों के लिए ठीक नहीं है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे एक लेटर में एफआईए ने सुझाव दिया है की एयरलाइन के ऑपरेशनल को चालू रखने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों के मामले में तत्काल मदद की जरूरत है। गौरतलब है कि FIA एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करता है।
एयरलाइन इंडस्ट्री पर बहुत ज्यादा दवाब
संकट को गंभीर बताते हुए संगठन ने कहा कि भारत में एयरलाइन इंडस्ट्री बहुत ज्यादा प्रेशर में है और बंद होने या अपना संचालन ठप करने की कगार पर है। FIA के मुताबिक, एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों बहुत ज्यादा अनप्रेडिक्टेबल हो गई हैं। इससे विमान कंपनियों के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के विमानों के संचालन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
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FIA ने मौजूदा प्राइसिंग सिस्टम की आलोचना करते हुए कहा कि ATF की एड-हॉक प्राइसिंग से एयरलाइन नेटवर्क अव्यवहारिक और अस्थिर हो रहे हैं। बॉडी ने आगे कहा कि इस असंतुलन से रूट की इकोनॉमिक्स बिगड़ रही है और एयरलाइंस को अपने नेटवर्क की व्यवहार्यता पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ATF की कीमतों में 73-75 रुपये की बढ़ोतरी
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस के अनुसार, विदेशों में काम काज के लिए एटीएफ की कीमतों में 73 से 75 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कुछ रूट पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं और भारी नुकसान हो राह है। इससे उन भारतीय एयरलाइंस के मुनाफे में और भी अधिक कमी आई है, जो कम लागत वाले हब से काम करने वाली विदेशी एयरलाइंस के साथ मुकाबला कर रही हैं।
संगठन ने सरकार के सामने जो मांग की है उसके अनुसार, घरेलू संचालन के लिए एटीएएफ पर 11 प्रतिशत उत्पाद शुल्क को अस्थायी रूप से निलंबित करना शामिल है। इसके अलावा एक स्टैंडर्ड क्रैक ब्रैंड प्राइसिंग मैकेनिज्म को दोबारा लागू करने की भी मांग की गई है। वहीं, प्रमुख एविएशन हब में वैट करने का भी डिमांड किया है।
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विमानों के संचालन पर मंडरा रहा खतरा
FIA ने कहा कि मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर लागत दबाव को बढ़ा रही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि निरंतर अस्थिरता और ज्यादा कीमतों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एटीएफ की कीमत में कोई भी मनमाना मूल्य निर्धारण या तर्कहीन बढ़ोतरी एयरलाइन के लिए नुकसान का बड़ा कारण बनेगी और विमानों को उड़ान रद्द करने की नौबत आएगी। कनेक्टिविटी में कमी, किराए में बढ़ोतरी और उड़ान शेड्यूल में व्यापक अस्थिरता आ सकती है।
