शेयर मार्केट, (कॉन्सेप्ट फोटो)
AI Impact On IT Shares: आईटी कंपनियों में संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। इस इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल पर खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है, जिससे आमदनी में गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसी सेंटिमेंट की वजह से पिछले दो दिनों से IT शेयरों में भारी गिरावट देने को मिली है। आईटी के दिग्गज TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसे कंपनियों के शेयर पूरी तरह से टूट चुके हैं। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में इन शेयरों में 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
शुक्रवार के कारोबार में घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली थी। लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, इंफोसिस लिमिटेड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और परसिस्टेंट सिस्टम्स लिमिटेड जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में 5.58 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
आईटी शेयरों में कमजोरी एआई के नेतृत्व में होने वाले रुकावट और अमेरिकी टेक शेयरों में जारी गिरावट की चिंताओं के बीच आई, जिससे लार्ज-कैप और मिड-कैप कंपनियों में तगड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियां उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही हैं। सभी प्रमुख और मिडकैप आईटी कंपनियां इस समय मुनाफावसूली कर रही हैं, और मध्यम से अल्पावधि में इनके शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। नैस्डैक समेत अमेरिकी बाजार भी इस समय सुधार के दौर से गुजर रहा है।
पिछले कुछ सालों से भारतीय आईटी कंपनियां स्थिर थीं, लेकिन अब अचानक AI के नए फीचर्स जैसी चीजें आने से ये कंपनियां नई तकनीक अपना नहीं पाई हैं। अब भारतीय आईटी कंपनियों के लिए समय आ गया है कि वे बदलावों को अपनाएं और टेक इंडस्ट्री में हो रहे रुकावट के अनुरूप अपने व्यावसायिक मॉडलों को बदले। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो कंपनियां जितनी जल्दी इन बदलावों को अपनाएंगी, उनके टिके रहने की संभावना ज्यादा है। बाकी कंपनियों को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ बाजार के जानकारों का कहना है कि निकट भविष्य में यह क्षेत्र अस्थिर रह सकता है, निवेशकों को घबराहट में बिकवाली से बचना चाहिए और स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि यह सुधार लॉन्गटर्म नजरिए के हिसाब से कुछ आईटी शेयरों को खरीदने का अवसर दे सकता है। बाथिनी ने आगे कहा कि उच्च जोखिम लेने की क्षमता और मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए वाले निवेशक वैश्विक एक्शन और इन कंपनियों द्वारा अपने व्यावसायिक मॉडलों में किए जा रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय आईटी कंपनियों में समय-समय पर निवेश कर सकते हैं। वहीं मिड और शॉर्ट टर्म वालों को आईटी क्षेत्र से दूर रहना बेहतर है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि आईटी सेक्टर पर AI संकट का वास्तविक प्रभाव अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। इस समय आईटी शेयरों में घबराहट में बिकवाली करना उचित नहीं होगा। निवेशकों को स्थिति सामान्य होने तक इंतजार करना चाहिए।
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आईटी शेयरों में लगातार भारी बिकवाली के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स अपने हाल के उच्चतम स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक नीचे गिर गया है। इंफोसिस लिमिटेड , टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और परसिस्टेंट सिस्टम्स लिमिटेड जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई।