8वां वेतन आयोग (सोर्स-सोशल मीडिया)
8th Pay Commission Fitment Factor Demand: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी वर्तमान में 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने फिटमेंट फैक्टर को लेकर अपनी महत्वपूर्ण मांगें मजबूती से रख दी हैं। इन मांगों के केंद्र में फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से बढ़ाकर अधिकतम 3.25 करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। अगर केंद्र सरकार इन मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन में ऐतिहासिक उछाल आएगा।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से न्यूनतम 2.86 और अधिकतम 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर तय करने का पुरजोर आग्रह किया है। जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की नेशनल काउंसिल आगामी 25 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में एक बड़ी मीटिंग बुला रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों के लिए एक साझा मेमोरेंडम तैयार करना है।
अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.86 मान लेती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त इजाफा देखा जाएगा। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये प्रति माह मिलती है। नए फिटमेंट फैक्टर के साथ गुणा करने पर यह राशि बढ़कर सीधे 51,451 रुपये के स्तर तक पहुंच जाएगी।
अगर 8वां वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 कर देता है, तो न्यूनतम सैलरी 58,500 रुपये हो जाएगी। वहीं फिटमेंट फैक्टर को 3.0 रखने की स्थिति में न्यूनतम सैलरी 54,000 रुपये के आंकड़े को पार कर सकती है। पेंशनभोगियों के लिए भी बढ़ा हुआ फिटमेंट फैक्टर बेहतर और संशोधित मासिक पेंशन सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
7वां वेतन आयोग इस साल दिसंबर में समाप्त होने वाला है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर को 2.57 तय किया गया था। अधिकारी अब 8वें वेतन आयोग के लिए ‘टर्म ऑफ रेफरेंस’ की घोषणा का केंद्र सरकार से इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार नया केंद्रीय वेतन आयोग अप्रैल के पहले हफ्ते तक घोषित किए जाने की प्रबल संभावना है।
वेतन आयोग की इन मांगों के मान लिए जाने पर सरकारी नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो जाएगी। फिटमेंट फैक्टर में होने वाली कोई भी मामूली बढ़ोतरी सीधे तौर पर कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी बढ़ाएगी। मार्च के अंत तक ‘टर्म ऑफ रेफरेंस’ आने की उम्मीद से कर्मचारियों के बीच अब काफी सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
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सैलरी में होने वाली यह वृद्धि न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि भविष्य की बचत में भी सहायक होगी। लाखों परिवारों की नजरें अब 25 फरवरी को दिल्ली में होने वाली ड्राफ्टिंग कमेटी की इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हैं। सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा कि फिटमेंट फैक्टर की कौन सी दर वास्तव में लागू की जाएगी।
बाजार में 18 फरवरी 2026 को चांदी और सोने की कीमतों में भी तेजी के संकेत देखे गए हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन के साथ-साथ बाजार की अन्य गतिविधियों पर भी विशेषज्ञों की पैनी नजर बनी हुई है। निवेश के नजरिए से यह समय सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Ans: कर्मचारी संगठनों ने सरकार से न्यूनतम 2.86 से लेकर अधिकतम 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की है।
Ans: अधिकतम 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 58,500 रुपये के करीब जा सकती है।
Ans: जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की नेशनल काउंसिल आगामी 25 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में अपनी ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक बुला रही है।
Ans: वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के प्रावधानों के अनुसार न्यूनतम 18,000 रुपये बेसिक पे मिल रही है।
Ans: रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च के अंत तक 'टर्म ऑफ रेफरेंस' और अप्रैल 2026 के पहले हफ्ते में नए वेतन आयोग की घोषणा हो सकती है।