

8th Pay Commission Latest Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक राहत भीर खबर है। दरअसल, 8वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की आखिरी तारीख को 30 अप्रैल से बढ़ाकर अब 1 मई कर दिया है। नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की डिमांड पर विचार कते हुए आयोग ने यह कदम उठाया है। आयोग के इस फैसले से अलग-अलग संगठनों को अपनी मांगों को रखने के लिए और ज्यादा समय मिलेगा।
वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने के समय में बदलाव किया है, लेकिन जमा करने के तरीके को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब सभी सुझाव केवल आयोग द्वारा प्रदान किए गए ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही किए जा सकेंगे। अपने ने स्पष्ट किया है कि पेपर-आधारित मेमोरेंडम, हॉर्ड कॉपी, पीडीएफ (PDF) या ईमेल के जरिए भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकृत नोडल अधिकारी एक निर्धारित स्ट्रक्चर्रड फॉर्मेट में अपने सुझाव ऑनलाइन दे सकते हैं।
नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने मंगलवार को आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देशाई से मुलाकात की थी। कई कर्मचारी संगठनों ने बाताया था कि कुछ संगठन और पेंशनर्स एसोसिएशन ऑनलाइन सुझाव जमा करने में दिक्कतों का सामना कर रहे थे। 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में हुई वेतन आयोग की अहम बैठक के बाद यह विस्तार का दिया गया है। वैसे ये डेडलाइन बढ़ने से फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला आने में देरी हो सकती है जिससे कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी पाने के लिए और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
इस बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर सबसे ज्यादा फिटमैंट फैक्टर पर टिकी हुई है, जो उनकी सैलरी और पेंशन बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। NC-JCM ने नए वेतन आयोग से 3.83 फिटमेंट फैक्टर करने की मांग की है। अगर इसे मान लिया जाता है, तो बेसिक सैलरी वर्तमान के 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये हो सकता है। इसके अलावा सालाना इंक्रीमेंट पर भी जोर है। मेमोरेंडम में 6 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की गई है। प्रमोशन के समय दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट से न्यूनतम ₹10,000 का लाभ और एक महीने के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी की भी मांग रखी गई है।
31 मई को मेमोरेंडम जमा करने की नई डेडलाइन खत्म होने के बाद, 8वां वेतन आयोग सभी सुझाव और डेटा का विश्लेषण शुरू करेगा। इस प्रोसेस के दौरान, आयोग विभिन्न कर्मचारी संघों, मंत्रालयों और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेजी गई मांगों, विशेषकर 3.83 के फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी को 69,000 रुपये करने जैसे प्रस्तावों पर विचार करेगा।
इस प्रोसेस के बाद आयोग की चेयरपर्स रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पैनल प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ अगले दौर की चर्चाएं करेगा ताकि फाइनेंशियल बोझ और कर्मचारियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाया जा सकते। अंत में आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा, जिसके आधार पर कैबिनेट वेतन वृद्धि और भत्तों पर अंतिम निर्णय लेकर उन्हें लागू करने की समय-सीमा तय करेगी।