

8th Pay Commission Latest Update: आठवें वेतन आयोग की राह देख रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक अहम खबर है। दरअसल, आयोग की बैठक में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) को हर तीन महीने में रिवाइज करने की मांग की गई है।
देश भर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का एक प्रमुख संगठन 'भारत पेंशनर्स समाज' (BPS) ने बीते दिनों आठवें वेतन आयोग से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की हर तीन महीने में रिव्यू करने और डीआर के 25 प्रतिशत से अधिक होने पर उन्हें मूल पेंशन में मर्जर पर विचार करने की अपील की है।
भारत पेंशनर्स समाज का कहना है कि इन कदमों से सेवारत और सेवानिवृत कर्मचारियों को महंगाई का सामना करने में मदद मिलेगी। यह संगठन करीब 10 लाख सेनानिवृत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। गौरतलब है कि नया वेतन आयोग इस समय देश के अलग-अलग शहरों में बैठके कर कर्मचारियों और उनके संगठनों की मांगों पर चर्चा कर रहा है। इन्हीं सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिश सरकार को प्रस्तुत करेगा।
मौजूदा समय में सरकार साल में दो बार यानी की हर छह महीने पर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की समीक्षा करती है। पहली छमाही के डीए और डीआर की समीक्षा मार्च या अप्रैल महीने में होती है। वहीं, दूसरी छमाही के डीए और डीआर की समीक्षा सितंबर या अक्टूबर में की जाती है। पहली छमामी में जनवरी से जून तक की होती है। जबकि, दूसरी छमाही जुलाई से दिसंबर की अवधि की होती है।
भारत पेंशनर्स समाज का तर्क है कि महंगाई पेंशनभोगियों के जीवन को काफी बुरी तरह प्रभावित करती है। संगठन की ओर से मांग किया गया है कि इस आंकड़े की समीक्षा हर तीन महीने के औसत के आधार पर होनी चाहिए और पॉइंट-टू-पॉइंट मुआवजा भी दिया जाए। भारत पेंशनर्स समाज की मुख्य मांगों में 45,000रुपये की मिनिमम पेंशन शामिल है।
तिमाही भत्ते की रिव्यू के अलावा भारत पेंशनर्स समाज ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर के साथ 45,000 रुपये की मिनिमम पेंशन 69,000 रुपये का मिनिमम बेसिक सैलरी प्रस्तावित किया है। इसने फिटमेंट फैक्टर की गणना के लिए 5.2 वेटेड-यूनिट फैमिली फॉर्मूला का भी सुझाव दिया है। संगठन ने 10 साल के बजाए हर पांच साल में सैलरी और पेंशन की समीक्षा की भी मांग की है।
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। अगर सबकुछ ठीक रहा तो अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2026 के आसपास सौंपी जाएगी। आने वाले महीनों में वेतन आयोग की बैठकें चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में होंगी। उसी के आधार पर आयोग अपना रिपोर्ट तैयार करेगा।