8th Pay Commission: फैमिली यूनिट फॉर्मूले से खुलेगी किस्मत, 69,000 तक होगी बेसिक सैलरी!

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट का फॉर्मूला 3 से 5 होने की मांग है। इससे कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये तक आसानी से हो सकती है।
8th Pay Commission: Central Govt Employees May See Salary Jump From Rs 18000 To 69000
8वां वेतन आयोग, फैमिली यूनिट फॉर्मूला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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8th Pay Commission Central Govt Employees Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही शानदार और बड़ी खुशखबरी जल्द ही सामने आ सकती है। सरकार न्यूनतम बेसिक सैलरी तय करने के लिए अब तक केवल 3 फैमिली यूनिट को ही अपना मुख्य आधार मानती थी। लेकिन अब कर्मचारी संगठनों ने इस अहम दायरे को बढ़ाकर 5 यूनिट करने की बहुत ही पुरजोर मांग की है। अगर सरकार इस मांग को मंजूरी दे देती है तो कर्मचारियों की मौज आ जाएगी।

अगर सरकार फैमिली यूनिट के इस नए गणित और फॉर्मूले को पूरी तरह से मान लेती है तो बहुत बड़ा लाभ होगा। इससे हर लेवल के केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और अन्य कई भत्तों में 50 प्रतिशत से ज्यादा का बंपर उछाल आएगा। ऐसा होने से सीधे तौर पर देश के लाखों परिवारों की जेब में मोटा पैसा आएगा और उनका जीवन स्तर सुधरेगा। इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई में अपने परिवार का खर्च चलाने में काफी राहत मिलेगी।

क्या है फैमिली यूनिट का फॉर्मूला?

वेतन आयोग कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी तय करते समय यह देखता है कि एक परिवार का कुल खर्च कितना है। इसी अहम गणना को फैमिली यूनिट कहा जाता है जिसमें परिवार के रहने, खाने, इलाज और बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुड़ता है। सातवें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट 3 मानी गई थी जिसमें कर्मचारी को 1 यूनिट और बच्चों को 0.6 यूनिट माना गया था। अब बदलते समय और बढ़ती महंगाई को देखते हुए इस पुराने फॉर्मूले में बड़े बदलाव की मांग उठ रही है।

3 की जगह 5 यूनिट करने की मांग

कर्मचारी संगठनों और एनसी-जेसीएम की मांग है कि अब सैलरी तय करते समय फैमिली यूनिट को 3 की जगह 5 किया जाए। आज के समय में कई कर्मचारी अपने माता-पिता और सास-ससुर की भी पूरी जिम्मेदारी उठाते हैं जिससे खर्च काफी बढ़ गया है। नए फॉर्मूले में कर्मचारी को 1 यूनिट, पति या पत्नी को 1 यूनिट और माता-पिता को 0.8 यूनिट देने की मांग की गई है। इस तरह कुल फैमिली यूनिट करीब 5 मानी जाएगी जिससे सैलरी में बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।

69,000 रुपये होगी बेसिक सैलरी?

एनसी-जेसीएम ने अपने सुझाव में 5 यूनिट वाले परिवार के आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाकर 3.833 रखने की मांग सरकार के सामने मजबूती से रखी गई है। जानकारों का कहना है कि अगर पहले ही फैमिली यूनिट 5 होती तो सैलरी 18,000 रुपये की जगह 27,600 रुपये हो सकती थी। फैमिली यूनिट का नया गणित लागू होने से न्यूनतम बेसिक सैलरी में बहुत ही भारी और जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा।

अन्य भत्तों में भी होगा इजाफा

बेसिक सैलरी बढ़ने का सबसे बड़ा और सीधा फायदा यह होगा कि उससे जुड़े दूसरे सभी भत्ते भी अपने आप बढ़ जाएंगे। महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) की गणना भी हमेशा बेसिक सैलरी के आधार पर ही होती है। आठवां वेतन आयोग अलग-अलग विभागों से सैलरी और भत्तों की पूरी जानकारी बहुत ही बारीकी से जुटा रहा है। अगर यह मांग पूरी हो जाती है तो देश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को एक बहुत ही बड़ी आर्थिक राहत मिल जाएगी।

https://youtu.be/YV_xC5n25fQ?si=BEb9RCpp2ZLxTvyp

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