

Tejashwi Yadav On Prince Yadav Death: पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। बता दें कि इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार से जांच कराने की मांग की।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच करना बहुत जरूरी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि मृतक के परिवार के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और इस समय परिवार के साथ खड़ा होना प्राथमिकता है। प्रिंस के मौत के कारणों को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है, इसलिए यह जांच का विषय है।
तेजस्वी यादव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा संस्थानों में इस तरह की घटनाएं बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं और भारत, बिहार तथा नेपाल की सरकारों को मिलकर संयुक्त जांच करनी चाहिए। और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इसी मामले को लेकर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बयान देते हुए कहा कि वे पहले भी अपने बाते पर कायम थे और आज भी उसी पर टिके हुएं हैं। उन्होंने दावा किया कि रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में एक विशेष व्यक्ति की भूमिका की जांच अवश्य होनी चाहिए और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने फैजल खान उर्फ खान सर का नाम लेते हुए उनके उपर गंभीर आरोप लगाए।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि जल्द ही पूरे मामले की जांच हो जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके। बिहार में जिस तरह से शिक्षा संस्थानों का हाल हो रहा है, उस पर सरकार को विशेष रुप से ध्यान देना चाहिए। कल भी मेरा यही स्टैंड था और आज भी मैं उसी पर कायम हूं। जिस तरह की बर्बरता हुई है, उसे पूरे देश ने देखा है। हमें पता है कि खान सर की पहुंच कहां तक है और वे किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं।
इसके साथ ही तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्होंने वाई-प्लस सुरक्षा वापस कर दी है और अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्णय ले। यदि भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को कोई खतरा होता है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्रशासन पर होगी।