भारत भूषण तिवारी मामले में CBI जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में 30 जून को होगी बड़ी सुनवाई

Bharat Bhushan Tiwari Case: बिहार के भोजपुर में हुए भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 30 जून को सुनवाई करेगा। सीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं।
bharat bhushan tiwari encounter
भरत भूषण तिवारी एनकाउंट केस, (डिजाइन फोटो/ नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर में हुए भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 30 जून को सुनवाई करेगा। यह सुनवाई जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ करेगी। सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने इस मामले में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि निष्पक्ष जांच के लिए इस मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।

इसके साथ ही याचिका में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से की जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि भारत भूषण तिवारी की मौत एक 'हत्या का मामला' है और इसलिए इसकी निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

बता दें कि घटना के कई दिन बाद मृतक भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, जिसमें यह पुष्टि हुई है कि भरत तिवारी को कुल पांच गोलियां लगी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पहली गोली बाएं जांघ के ऊपरी हिस्से में सामने की ओर से लगी थी। दूसरी गोली भी बाएं जांघ के मध्य भाग में भीतर की तरफ लगी पाई गई। वहीं, तीसरी गोली दाहिनी जांघ के बीच वाले हिस्से में भीतर लगी थी।

सीएम सम्राट चौधरी ने लिया संज्ञान

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चौथी गोली दाहिनी जांघ में बाहरी हिस्से से अंदर की ओर गई थी। इसके अलावा, पांचवीं गोली बाएं पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी। भरत तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले को लेकर पिछले कई दिनों से सियासत गरम है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस घटना में शामिल दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। इस घटना की जांच के लिए तत्काल न्यायिक आयोग का गठन किया गया है।

अजय राय का सरकार से सवाल

पोस्टमार्टम में खुलासा होने के बाद बिहार में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भरत तिवारी के परिवार वालों से मुलाकात के बाद कहा कि मैं बिहार प्रशासन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कहना चाहता हूं कि अगर इस परिवार के किसी भी सदस्य को जरा भी नुकसान पहुंचा, तो पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन होंगे। इसके अलावा महापंचायत ने भी बड़े बवाल के संकेत दे दिए है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com