RJD को लगा बड़ा झटका, लालू यादव के करीबी मृत्युंजय तिवारी ने छोड़ी पार्टी, तेजस्वी यादव पर लगाया आरोप
RJD Resignation: आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने तेजस्वी यादव पर अनदेखी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
मृत्युंजय तिवारी, तेजस्वी यादव (Image- Social Media)
Mrityunjay Tiwari Resignation: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। इस्तीफे का ऐलान करते हुए मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब आरजेडी में समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायतें प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में रखी थीं, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
तेजस्वी यादव पर लगाए गंभीर आरोप
मृत्युंजय तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अपमानित होकर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक राजनीति नहीं कर सकता। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और हर स्तर पर संगठन के लिए काम किया।
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने उन पर भरोसा जताते हुए पार्टी का प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उन्होंने इन दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन किया तथा पार्टी की नीतियों और विचारधारा को मजबूती से जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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क्या है तेजस्वी की मजबूरी?
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि उन्होंने अपनी नाराजगी और शिकायतों की जानकारी कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को भी दी थी। उनके मुताबिक, तेजस्वी यादव उनकी बातों को समझते हैं, लेकिन उनकी क्या मजबूरी है, यह वह नहीं जानते। हालांकि, उन्होंने किसी भी व्यक्ति का नाम लेने से इनकार किया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका इशारा किसी खास नेता की ओर है, तो उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर सभी बातें सामने आ जाएंगी। फिलहाल वह किसी का नाम नहीं लेना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पत्रकार अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें यह फैसला क्यों लेना पड़ा।
लालू-राबड़ी के करीबी रहे मृत्युंजय
मृत्युंजय तिवारी ने याद दिलाया कि एक बार उन्हें पार्टी से हटाया गया था, लेकिन उसी दिन लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने दोबारा उन पर भरोसा जताते हुए जिम्मेदारी सौंप दी थी। उन्होंने कहा कि इस बार परिस्थितियां अलग हैं और अब उनके लिए पार्टी में बने रहना संभव नहीं रह गया था।
क्या इस्तीफे के बाद तेजस्वी से हुई बात?
तेजस्वी यादव से आखिरी मुलाकात के सवाल पर मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि लगभग एक महीने पहले तेजस्वी यादव के बेटे के जन्मदिन के अवसर पर उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने के बाद उनकी तेजस्वी यादव से कोई बातचीत नहीं हुई है और अब तक उनकी ओर से कोई फोन भी नहीं आया।
भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर उन्होंने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उनका कहना था कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपने इस्तीफे पर है। आगे क्या निर्णय लेंगे, इसकी जानकारी समय आने पर दी जाएगी। दूसरी किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की संभावना पर भी उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “मैं जनता का सेवक हूं और अंतिम सांस तक लोगों की सेवा करता रहूंगा।” उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पार्टी से कभी कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं लिया। सबसे मुश्किल दौर में भी वह आरजेडी के साथ मजबूती से खड़े रहे और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया।
