'नीतीश के चेहरे का इस्तेमाल...रिमोट कंट्रोल भाजपा के हाथ', मुजफ्फरपुर रैली में राहुल ने बोला हमला

Bihar election: मुजफ्फरपुर जिले के सकरा में राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार का शुभारंभ किया। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पीएम मोदी और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा।
'नीतीश के चेहरे का इस्तेमाल...रिमोट कंट्रोल भाजपा के हाथ', मुजफ्फरपुर रैली में राहुल ने बोला हमला
नीतीश कुमार और राहुल गांधी (सौ. सोशल मीडिया)
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Rahul Gandhi Addressed The Rally: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बुधवार को अपने चुनाव प्रचार अभियान का आगाज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि रिमोट कंट्रोल भाजपा के हाथ में है।

राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर जिले के सकरा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। इस सभा में महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव और इस गठबंधन के घटक दलों के कुछ नेता भी शामिल हुए।

नीतीश सरकार पर राहुल ने साधा निशाना

राहुल ने निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में 20 साल से नीतीश सरकार है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए क्या किया गया? क्या आप ऐसा प्रदेश चाहते हैं, जहां आपको कुछ भी नहीं मिले और अदाणी को एक-दो रुपये में जमीन दे दी जाए? आगे राहुल गांधी ने कहा कि, 'हमें वह बिहार चाहिए जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार हो और बिहारियों को अपना भविष्य दिखाई दे। हम ऐसा बिहार चाहते हैं जहां से लोगों को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में न जाना पड़े बल्कि दूसरे राज्यों के लोग यहां आकर काम करें।

'पीएम मोदी को छठ पूजा से कोई लेना देना नहीं है'

राहुल गांधी ने कहा कि, महागठबंधन बिहार को सबसे आगे ले जाना चाहता है। बिहार के लोग किसी भी मामले में किसी से कम नहीं हैं। यह प्रदेश सबसे आगे जा सकता है और जाएगा। राहुल ने यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं। उन्होंने दिल्ली में यमुना के किनारे छठ पूजा के आयोजन का हवाला देते हुए कहा कि एक तरफ यमुना नदी में गंदा पानी था और बगल में साफ पानी का तालाब बनाया गया था, ताकि प्रधानमंत्री उसमें नहाकर ‘ड्रामा' कर सकें, जबकि उन्हें छठ पूजा से कोई लेनादेना नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में जब पूरे हिंदुस्तान को पता चल गया तो प्रधानमंत्री मोदी छठ पूजा के इस आयोजन में नहीं गए। प्रधानमंत्री वोट के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

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