प्रशांत किशोर ने फिर लिया लालू का पक्ष, भाजपा-नीतीश को बताया भ्रष्ट, जानिए क्यों बदले PK के तेवर
Bihar News: प्रशांत किशोर ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता लालू प्रसाद से भी अधिक भ्रष्ट हैं, कोविड काल में भी अनियमितताएं कर करोड़ों का घोटाला किया।
- Written By: अक्षय साहू
प्रशांत किशोर (फोटो- सोशल मीडिया)
Bihar Assembly Election: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बिहार के स्वास्थ्य विभाग में “गंभीर अनियमितताओं” का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के नेता, राजद प्रमुख लालू प्रसाद से भी अधिक भ्रष्ट हैं। किशोर ने कहा कि बिहार में एनडीए शासन के दौरान स्वास्थ्य विभाग लगातार भाजपा के पास रहा है और इस दौरान बड़े घोटाले हुए हैं।
किशोर ने भाजपा नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के साथ मिलकर आपसी लाभ के लिए भ्रष्टाचार किया। उन्होंने दावा किया कि कोविड काल के दौरान पांडे ने दिल्ली में एक फ्लैट खरीदा जो उनकी पत्नी के नाम पर है, और इस खरीद में जायसवाल ने मदद की थी।
एम्बुलेंस घोटाले का दावा
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 28 लाख रुपये प्रति एम्बुलेंस की दर से 1,200 एम्बुलेंस का ऑर्डर दिया, जबकि यह कीमत ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में लगभग दोगुनी है। उन्होंने इसे बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता करार दिया।
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किशोर ने कहा कि छह अगस्त 2019 को जायसवाल ने मंगल पांडे के पिता के खाते में 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिससे दिल्ली के द्वारका में एक फ्लैट खरीदा गया। दस्तावेजों में जायसवाल ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर भी किए थे। किशोर ने सवाल उठाया कि यदि यह राशि कर्ज थी, तो इसे पांडे ने अपने 2020 के चुनावी हलफनामे में क्यों नहीं दिखाया।
भाजपा ने दी प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि 25 लाख रुपये का भुगतान जायसवाल द्वारा कर्ज के रूप में किया गया था और वह राशि लौटा दी गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा शिक्षा विभाग देता है, न कि स्वास्थ्य विभाग। एम्बुलेंस की खरीद से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस की खरीद में ‘‘अनियमितताओं” पर कुमार ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपूर्तिकर्ता को एक पैसा भी नहीं दिया गया है।” उन्होंने कहा, ‘‘एम्बुलेंस की बताई गई कीमत से संबंधित मामला सक्षम न्यायालय में लंबित है। किशोर केवल प्रचार के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।’
(एजेंसी इनपुट के साथ)
