Patna University Blast: शिक्षक दिवस समारोह के बीच शनिवार को पटना विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर देसी बम फेंके जाने से हड़कंप मच गया। घटना अशोक राजपथ स्थित दो मंजिला पुल के पास हुई, जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने भूगोल और मनोविज्ञान विभागों के बीच परिसर में देशी बम फेंक दिया। विस्फोट की तेज आवाज और धुएं से छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस और फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
शिक्षक दिवस समारोह के बीच शनिवार को पटना विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर देशी बम फेंके जाने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पीरबहोर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके का मुआयना किया।
अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने और विस्फोट से संबंधित सबूत इकट्ठा करने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की एक टीम को बुलाया। फोरेंसिक टीम ने इलाके को सुरक्षित कर लिया और अपनी जांच शुरू कर दी।
पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज, विशेष रूप से डबल-डेकर पुल को कवर करने वाले कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि बम फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।
जांचकर्ता घटना के पीछे के मकसद का पता लगाने और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह किसी व्यक्तिगत विवाद या अन्य कारण से संबंधित थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के बीच किसी विवाद की कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
पीरबहोर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर राजकुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दोपहर 12:08 बजे से 12:10 बजे के बीच एक शरारती तत्व ने डबल-डेकर पुल से भूगोल और मनोविज्ञान विभागों के बीच के क्षेत्र में एक सुतली बम फेंका था।
एसएचओ ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। एफएसएल टीम को बुलाया गया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस ताजा घटना ने पटना विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पहले भी परिसर में विस्फोटों से जुड़ी ऐसी ही घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें विश्वविद्यालय चुनावों के दौरान हुई घटनाएं भी शामिल हैं।
पुलिस जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है।