धमकी के बाद बढ़ाई गई सिविल कोर्ट की सुरक्षा, फोटो- सोशल मीडिया
Patna Civil Court Bomb Threat: बिहार के कई जिलों में उस समय हड़कंप मच गया जब पटना, गया और किशनगंज समेत कई व्यवहार न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ईमेल के जरिए मिली इस धमकी में कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया है, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
राजधानी पटना के सिविल कोर्ट में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ईमेल के जरिए कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी प्राप्त हुई। जिला जज के आदेश पर तत्काल पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और काम को बाधित कर दिया गया। धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया है कि सिविल कोर्ट पटना को तीन आरडीएक्स (RDX) आईईडी के जरिए उड़ाया जाएगा। इसी तरह की सूचना दानापुर व्यवहार न्यायालय से भी सामने आई है, जहाँ सुरक्षा के लिहाज से कैंपस को खाली कराया गया है।
धमकी का यह सिलसिला केवल पटना तक सीमित नहीं रहा। किशनगंज और गया के सिविल कोर्ट को भी इसी तरह के धमकी भरे मेल मिले हैं। किशनगंज के एसपी सागर कुमार ने जानकारी दी कि प्राथमिक जांच में यह ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया प्रतीत होता है। गयाजी में भी जिला जज के सरकारी मेल पर धमकी मिलने के बाद जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी (SSP) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिसर की सघन छानबीन शुरू करवाई।
#WATCH पटना, बिहार: वकील अयांश गोयल ने कहा, “…हर एक-डेढ़ महीने में कोर्ट को इस तरह की झूठी धमकियां मिलती रहती हैं। इसके पीछे जो लोग हैं, उनका पता लगाने के लिए कड़ी जांच होनी चाहिए। इन धमकियों से कोर्ट का कीमती समय और साथ ही अपने काम के लिए आने वाले लोगों का समय भी बर्बाद होता… https://t.co/fPd13iamtJ pic.twitter.com/Hk6mWmwCUR — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2026
धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस की विशेष टीमों और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया है। पटना और किशनगंज में पुलिस की टीमें कोर्ट भवन के हर कोने की बारीकी से तलाशी ले रही हैं। हालांकि, किशनगंज में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। कोर्ट परिसरों में प्रतिदिन सैकड़ों मुकदमों की सुनवाई होती है और बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है।
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इन धमकियों के कारण अदालतों में चल रही सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। वकीलों और जजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और पुलिस प्रशासन ईमेल भेजने वाले अज्ञात शख्स की पहचान करने में जुटा है। जिला जज की ओर से जारी आदेश में सभी डीबीए सदस्यों और कर्मचारियों को कैंपस खाली करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।