जेडीयू में नीतीश का निर्विरोध ‘राज’: क्यों किसी ने नहीं दी चुनौती? जानिए इस चुनाव की पूरी इनसाइड स्टोरी
Nitish Kumar JDU President: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब दिल्ली में उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
नीतीश कुमार, (सोर्स- सोशल मीडिया)
JDU President Election 2026: बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन एक नई इबारत लिख गया। जनता दल यूनाइटेड की कमान एक बार फिर निर्विवाद रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथों में आ गई है। वैसे तो यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं थी, लेकिन जिस तरह से पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुई, वह पार्टी के भीतर नीतीश कुमार की गहरी पैठ और उनके प्रति अटूट भरोसे को साफ बयां करती है। आज नामांकन वापस लेने की आखिरी समय सीमा समाप्त होते ही चुनाव अधिकारी ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया काफी दिनों से चर्चा में थी। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने 19 मार्च को दिल्ली में नीतीश कुमार का नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन की अंतिम तिथि 22 मार्च तय की गई थी।
दिलचस्प बात यह रही कि पूरे चुनाव में नीतीश कुमार के खिलाफ किसी भी दूसरे नेता ने दावेदारी पेश नहीं की। मंगलवार सुबह 11 बजे तक नाम वापसी का समय था और जैसे ही यह समय सीमा बीती, निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का ही नामांकन शेष बचा रह गया।
दिल्ली में सजेगा दरबार
आज दोपहर 2:30 बजे नीतीश कुमार को उनके निर्वाचित होने का आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जेडीयू के राष्ट्रीय सचिव एवं मुख्यालय प्रभारी मोहम्मद निशार ने इस बारे में विधिवत सूचना जारी की है। पूर्व राज्यसभा सांसद और निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े इस विशेष समारोह में नीतीश कुमार को जीत का प्रमाण पत्र सौंपेंगे।
इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार जैसे दिग्गज नेता दिल्ली में मौजूद रहेंगे।
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जेडीयू की विरासत का सफर क्या रहा?
नीतीश कुमार ने साल 2003 में जनता दल यूनाइटेड का गठन किया था, और तब से यह पार्टी बिहार की सत्ता का मुख्य केंद्र बनी हुई है। पार्टी के गौरवशाली इतिहास में दिग्गज नेता जॉर्ज फर्नांडिस इसके पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे, जिन्होंने लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए थे। उनके बाद शरद यादव भी इस पद पर रहे। हालांकि यह चुनाव पहले 27 मार्च को होने वाला था, लेकिन मैदान में केवल एक ही उम्मीदवार होने के कारण इसे पहले ही संपन्न मान लिया गया।
