लालू की पार्टी के प्रत्याशी नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तार, 21 साल पुराने मामले में वारंट जारी

सासाराम से राजद प्रत्याशी सत्येंद्र साह को नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई झारखंड के गढ़वा थाने में 21 साल पुराने वारंट के आधार पर की गई है।
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सत्येंद्र साह नामांकन के तुरंत बाद गिरफ्तार, फोटो- सोशल मीडिया
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Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी सत्येंद्र साह को रोहतास में नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एक 21 वर्ष पुराने आपराधिक मामले में कोर्ट द्वारा जारी वारंट के तहत की गई है।

सासाराम विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी सत्येंद्र साह को सोमवार को नामांकन कक्ष से बाहर निकलते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तेजस्वी यादव ने सत्येंद्र शाह को राजद का सिंबल दिया था। राजद प्रत्याशी सत्येंद्र साह दूसरे चरण के मतदान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पर्चा दाखिल करने पहुंचे थे।

21 वर्ष पुराना मामला बना आधार

राजद प्रत्याशी सत्येंद्र शाह की गिरफ्तारी का आधार लगभग 21 वर्ष पुराना एक मामला है। सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें कोर्ट से निकले वारंट के आधार पर करगहर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई झारखंड राज्य के गढ़वा थाने में साल 2004 में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है, जिसमें गढ़वा न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की गई है और इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।

प्रत्याशी ने बताया विरोधियों की साजिश

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर राजद प्रत्याशी सत्येंद्र साह ने इसे प्रतिद्वंदियों की साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट से वारंट निर्गत होने के बावजूद भी उन्हें चुनाव से पूर्व गिरफ्तार नहीं किया गया। लेकिन, राष्ट्रीय जनता दल द्वारा उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने पर, हमारे प्रतिद्वंदियों ने साजिश रचकर गिरफ्तार करा दिया। उन्होंने सासाराम की जनता से आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि इस बार सत्येंद्र साह की जगह जनता चुनाव लड़ रही है।

समर्थकों का प्रदर्शन और जाम

राजद प्रत्याशी सत्येंद्र साह की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया। नामांकन में पहुंचे भारी संख्या में महागठबंधन समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सत्येंद्र साह की जीत के दावे किए गए। समर्थकों का कहना था कि यह अन्याय है और जानबूझ कर ऐसा किया गया है। इस दौरान अनुमंडल कार्यालय के बाहर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। समर्थकों की भारी भीड़ के कारण शहर के पुरानी जीटी रोड पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

इससे पहले, भाकपा माले प्रत्याशी जितेंद्र पासवान को भी गोपालगंज जिले के हथुआ अनुमंडल कार्यालय में नामांकन दाखिल करते समय इसी तरह गिरफ्तार किया गया था। समर्थकों ने तब भी आरोप लगाया था कि पुलिस जानबूझकर लोकतंत्र पर प्रहार कर रही है।

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