डेढ़ साल तक पेट में थी 6 इंच की कैंची, दर्द से तड़पती रही महिला (फोटो- सोशल मीडिया)
Bihar viral news: बिहार के पूर्वी चंपारण से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाला एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों की एक भारी लापरवाही ने 25 साल की एक महिला की जान ले ली। महिला पिछले डेढ़ साल से पेट के दर्द से लगातार जूझ रही थी। जब दर्द बर्दाश्त के बाहर हुआ और एमआरआई जांच कराई गई, तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी सन्न रह गए। महिला के पेट के अंदर 6 इंच लंबी सर्जिकल कैंची फंसी हुई थी।
यह पूरा मामला बनकटवा प्रखंड क्षेत्र के झाझरा गांव का है। मृतका ऊषा देवी के पति मणिभूषण कुमार और परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले ऊषा को प्रसव के लिए मोतिहारी के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। वहां ऑपरेशन के जरिए उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन आरोप है कि उसी दौरान डॉक्टरों ने गलती से पेट में ही कैंची छोड़ दी। तब से वह अक्सर दर्द की शिकायत करती थी, लेकिन दवा लेने पर थोड़ा आराम मिल जाता था। हाल ही में जब दर्द बहुत बढ़ गया तो एमआरआई कराने पर इस भयानक सच का खुलासा हुआ।
सच सामने आने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में ऊषा को ऑपरेशन के लिए एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। गुरुवार को डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके पेट से वह 6 इंच की कैंची तो निकाल ली, लेकिन महिला की जान नहीं बचाई जा सकी। ऑपरेशन के करीब 6 घंटे बाद ऊषा देवी की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार वालों का सीधा आरोप है कि डिलीवरी के समय डॉक्टर द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण ही आज ऊषा की जान गई है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने नगर थाने में आवेदन दिया है। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि शिकायत मिली है, लेकिन जब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, तो परिजन शव लेकर चले गए और बाद में आने की बात कही। दूसरी तरफ, सिविल सर्जन डॉ. रविभूषण सिन्हा ने बताया कि उन्हें अभी तक इस मामले की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवेदन प्राप्त होते ही एक जांच कमेटी गठित की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।