गौरा बौराम सीट पर चुनाव से 48 घंटे पहले हुआ खेला! मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी नहीं लड़ेंगे चुनाव

Darbhanga Politics: दरभंगा गौड़ाबौराम सीट पर मुकेश सहनी ने भाई संतोष सहनी को चुनाव से हटाया, गठबंधन की एकता पर जोर, आरजेडी-अफजल अली को फायदा।
Bihar Assembly Elections Mukesh Sahni
मुकेश सहनी
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Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले दरभंगा की गौरा बौराम सीट पर बड़ा राजनीतिक खेला हुआ है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने अपने ही भाई संतोष सहनी को चुनावी मैदान से हटाने का ऐलान किया है। इस कदम के साथ ही इंडिया गठबंधन में चल रही फ्रेंडली फाइट का एक अध्याय खत्म हो गया है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।

गौरतलब है कि गौरा बौराम सीट से मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी चुनाव लड़ रहे थे, जबकि इसी सीट से आरजेडी के अफजल अली भी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार हैं। अब वोटों के बंटवारे की आशंका को देखते हुए मुकेश सहनी ने कुर्बानी देते हुए अपने भाई को मैदान से हटने का निर्देश दिया है। खुद सहनी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि "हम गठबंधन की एकता और बड़ी जीत के लिए पीछे हट रहे हैं।"

राजनीतिक हलकों में हलचल

हालांकि, इस फैसले से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। बीजेपी नेता राज भूषण निषाद ने आरोप लगाया है कि "संतोष सहनी का चुनाव नहीं लड़ना निषाद समाज का अपमान है।" उन्होंने कहा कि इस फैसले से निषाद समाज में मायूसी फैल गई है। राज भूषण निषाद के अनुसार, "मुकेश सहनी ने अपने समाज के हितों की बलि दी है और यह निर्णय जनता को स्वीकार नहीं होगा।"

इधर, आरजेडी खेमे में इस फैसले के बाद राहत की सांस ली जा रही है। माना जा रहा है कि अब अफजल अली के लिए मुकाबला अपेक्षाकृत आसान हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव ने खुद संतोष सहनी के पक्ष में वोट मांगा था, लेकिन रणनीतिक समीकरणों को देखते हुए अब उन्होंने भी इस कदम पर सहमति जता दी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुकेश सहनी का यह फैसला भले ही गठबंधन की एकता के नाम पर लिया गया हो, लेकिन इससे VIP पार्टी के अस्तित्व और निषाद वोट बैंक पर बड़ा असर पड़ सकता है। सहनी पहले से ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर दबाव में हैं, और अब यह कदम उन्हें बिहार की राजनीति में ‘कमजोर खिलाड़ी’ के रूप में पेश कर सकता है। बहरहाल, गौरा बौराम सीट से संतोष सहनी के हटने के बाद अब मुकाबला आरजेडी और एनडीए के बीच सीधा हो गया है, लेकिन यह भी तय है कि इस फैसले का असर पूरे मिथिलांचल की सीटों पर भी देखा जाएगा।

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