

Congress Screening Committee: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी दल तैयारियों में जुट गए हैं। कांग्रेस पार्टी बिहार में अपनी खोई सियासी जमीन पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। कांग्रेस नेता लगातार दौरा कर रहे हैं। साथ ही बिहार के मुद्दे भी संसद में उठा रहे हैं। इस बीच बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता अजम माकन करेंगे।
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में तीन सदस्य हैं, जिसमें महाराष्ट्र से सासंद प्रणिती शिंदे, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और कुणाल चौधरी शामिल हैं।
इसके अलावा इस कमेट की 7 पदेन सदस्य होंगे। जिसमें बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारु, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार, कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, देवेंद्र यादव, शाहनवाज आलम और सुशील कुमार पासी को शामिल किया गया है।
कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन करेगी। यह कमेटी पहले एक सीट पर चार दावेदारों को शॉर्टलिस्ट करेगी। इसके बाद सभी नामों पर बारी-बारी से चर्चा होगी। इसके बाद फाइनल लिस्ट केंद्रीय इलेक्शन कमेटी के पास जाएगी। केंद्रीय इलेक्शन कमेटी में चर्चा के बाद आलाकमान इस लिस्ट पर अंतिम मुहर लगाएगा। उसके बाद नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी राजद के साथ मिलकर लगातार रणनीति बना रही है। इसके तहत महागठबंधन में शामिल घटक दलों की लगातार बैठक हो रही है। इसके लिए एक समन्वय समिति बनाई गई है जिसके प्रमुख तेजस्वी यादव हैं। कांग्रेस पार्टी इस बार ज्यादा से ज्याद सीट राज्य में लड़ना चाह रही है। वहीं दूसरी तरफ राजद जो महागठबंधन का सबसे बड़ा दल है वो किसी भी हाल में सत्ता चाहता है। कांग्रेस पार्टी 2020 के विधानसभा चुनाव में 72 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन जीत मात्र 19 सीटों पर मिली थी।
कांग्रेस के खराब स्ट्राइक ने महागठबंधन को सत्ता से दूर कर दिया था। हालांकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट विधानसभा की तुलना में काफी अच्छा था। 7 सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें 4 लोग संसद पहुंचे। वहीं कांग्रेस में होकर भी निर्दलीय चुनाव लड़ने वालू पप्पू यादव भी चुनाव जीत गए थे। ऐसे में अगर देखा जाए तो कांग्रेस ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ा 5 सीटें जीतीं। कांग्रेस लोकसभा चुनाव का स्ट्राइक रेट दिखाकर विधानसभा चुनाव में सीटें मांगेगी।