

Manohar Prasad Singh Statement: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने सभी सीटों पर जीत हासिल की। वहीं आरजेडी को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा। चुनाव में हुई वोटिंग से कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक गायब रहे। जिसकी वजह से आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह के चार वोट कम हो गए।
कांग्रेस के दो विधायक सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास का बयान तो पहले की सामने आ चुका है और अब तीसरे विधायक मनोहर प्रसाद का भी पहला रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने मिसमैनेजमेंट की बात कही और बताया कि आखिर वह क्यों वोटिंग से गायब रहे।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में मनोहर प्रसाद ने राज्यसभा वोटिंग में हिस्सा न लेने की वजह बताई उन्होंने कहा कि मिसमैनेजमेंट हुआ है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन की ओर से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अल्पसंख्यक समुदाय से किसी को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसी वजह से उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिन सिद्धांतों पर हम चलते हैं, उनका पालन नहीं हुआ इसलिए हमने इसके पक्ष में मतदान नहीं किया।
बिहार राज्यसभा चुनाव में वोट न डालने पर कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने बताया कि दलित उम्मीदवार को मैदान में उतारने की बात चल रही थी लेकिन 11 घंटे के अंदर ही एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया गया जिसे कोई राजनीतिक अनुभव नहीं था। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने हमसे कहा था कि वोट देना है या नहीं यह तय करने के लिए आप स्वतंत्र हैं।
कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने राज्यसभा चुनाव में मतदान न करने पर सफाई दी उन्होंने साफ कहा कि 'यह मेरी मर्जी है' कि मुझे वह व्यक्ति पसंद है या नहीं। उन्होंने कहा कि मैंने कल मतदान नहीं किया। जहां तक किसी भी जगह से उम्मीदवार लाने की बात है, यह मेरी मर्जी है कि मुझे वह व्यक्ति पसंद है या नहीं। जिस निर्वाचन क्षेत्र से मैं आता हूं जिस पार्टी से मैंने चुनाव लड़ा और मुझे उनसे कोई समर्थन नहीं मिला, तो मैं ऐसे व्यक्ति को वोट क्यों दूं? अब इन तीनों कांग्रेस के विधायकों के बयान से बिहार की राजनीति में सियासी बवाल मच गया है।