मतगणना केन्द्रों पर राजनीतिक दल चौकन्ने
Bihar Election Counting: बिहार में कल सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होने वाली है, जिससे यह तय हो जाएगा कि नीतीश कुमार का राज जारी रहेगा या तेजस्वी यादव बाजी पलटेंगे। इस बड़े फैसले से एक रात पहले पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी धड़कनें तेज हो गई हैं। एनडीए और इंडिया गठबंधन, दोनों के बड़े नेता आखिरी मिनट की तैयारियों और बैठकों में जुटे हैं। सबसे ज्यादा हलचल काउंटिंग सेंटरों को लेकर है, जहां दोनों पक्षों के नेता अपने-अपने कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क साधे हुए हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।
इस बार चुनाव आयोग ने भी सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। राज्य के 38 जिलों में बने 46 मतगणना केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। स्ट्रांगरूम, जहां ईवीएम रखी हैं, उन्हें ‘डबल-लॉक’ सिस्टम में रखा गया है। भीतरी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय बलों (CAPF) के पास है, जबकि बाहरी घेरे पर राज्य पुलिस तैनात है। पूरी गिनती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी और हर केंद्र पर केंद्रीय पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे।
दूसरी तरफ, इंडिया गठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने काउंटिंग के दौरान “असंवैधानिक गतिविधि” की आशंका जताई है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि बिहार के लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए सतर्क और तैयार हैं। वहीं, राजद नेता सुनील कुमार सिंह ने 2020 का जिक्र करते हुए धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर इस बार 2020 की तरह चार घंटे के लिए गिनती रोकी गई, तो सड़कों पर “नेपाल जैसी स्थिति” देखी जाएगी।
राजद की इस धमकी पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजद नेता हताशा में हैं और जनता का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने अपना फैसला ईवीएम में बंद कर दिया है और वह एनडीए सरकार को वापस लाने का मन बना चुकी है। जायसवाल ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण रहे और गिनती भी शांति से होगी। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता भी सभी काउंटिंग सेंटरों पर तैनात अपने कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क में हैं।
वही तेजस्वी यादव ने पार्टी प्रत्याशियों तथा जिला संगठन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मतगणना संबंधित दिशा-निर्देश एवं काउंटिंग की तैयारियों के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जननी बिहार की न्यायप्रिय जनता तथा बिहार व संविधान प्रेमी सभी सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता उत्साह, उम्मीद व विश्वास के साथ सतर्क, सचेत, सावधान एवं किसी भी प्रकार के अनुचित असंवैधानिक कार्य से निपटने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम, जागरूक और तैयार है। बिहार और बिहारी लोकतंत्र व संविधान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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बिहार में इस बार 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान में 67.13 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान हुआ था। कुल 243 सीटों पर 2,616 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। ज्यादातर एग्जिट पोल ने एनडीए को स्पष्ट बहुमत का अनुमान दिया है, हालांकि तेजस्वी यादव ने इन पोल को खारिज करते हुए महागठबंधन की बड़ी जीत का दावा किया है। एनडीए में जदयू और भाजपा 101-101 सीटों पर लड़े हैं।