

Bihar CM Samrat Choudhary On Maithili Language: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में पहली से आठवीं कक्षा तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता प्रदान किया गया है। इस फैसले का बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वागत किया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार के इस पहल को गौरव का विषय बताया है। उन्होंने इसे मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय बताया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा. मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है।
आगे उन्होंने लिखा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को निरंतर नई मजबूती मिल रही है। यह निर्णय न केवल मैथिली भाषा को नई पहचान और सम्मान देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा।
बता दें कि बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में माध्यमिक स्तर पर पाठ्यक्रम में मैथिली का शामिल किया है। यह जानकारी केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर को लिखे पत्र में दी है। 19 मई 2026 को जारी पत्र में मंत्री ने बताया कि सांसद डॉ ठाकुर की ओर से 8 फरवरी 2026 को भेजे गए अनुरोध के बाद मामले की जांच राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद से कराई गई।
जांच में पाया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अनुसार, कक्षा 8 तक मातृभाषा के माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की जानी है।