-
सोम, 27 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Chunav Arwal Assembly Unstable Politics Cpiml
अरवल विधानसभा: जहां हर बार पलटती है बाजी, क्या इस बार बदलेगी हार-जीत का रिवाज?
- Written By: मनोज आर्या
Bihar Assembly Elections: अरवल की कहानी की शुरुआत जहानाबाद से अलग होने के साथ होती है। यह क्षेत्र पहले जहानाबाद जिले का हिस्सा था, लेकिन अगस्त 2001 में इसे एक स्वतंत्र जिले के रूप में पहचान मिली।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Arwal Assembly Constituency: बिहार के 38 जिलों के मानचित्र पर अरवल भले ही एक छोटा-सा नाम हो, लेकिन इसकी मिट्टी में इतिहास का गहरा रंग और राजनीति का एक तीखा मिजाज घुला है। यह ऐसी भूमि है, जहाँ सोन नदी ने किसानों का भाग्य लिखा है और जहाँ की विधानसभा सीट पर हर चुनाव में बाजी पलट जाती है। यह अस्थिरता ही अरवल विधानसभा सीट को Bihar Politics में एक महत्वपूर्ण और अप्रत्याशित चुनावी केंद्र बनाती है।
जहानाबाद से स्वतंत्र अरवल तक
अरवल की कहानी की शुरुआत जहानाबाद से अलग होने के साथ होती है। यह क्षेत्र पहले जहानाबाद जिले का हिस्सा था, लेकिन अगस्त 2001 में इसे एक स्वतंत्र जिले के रूप में पहचान मिली। आज यह जनसंख्या की दृष्टि से राज्य के सबसे कम आबादी वाले (तीसरे) जिलों में गिना जाता है। अरवल मगध क्षेत्र का हिस्सा है और यहीं से इसकी संस्कृति, मगही भाषा और सामाजिक ताना-बाना तय होता है।
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। यहां उद्योग की कमी है, लेकिन सोन नदी के कारण यहां की जमीन बेहद उपजाऊ है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यहां 3 कॉलेज, 39 हाई स्कूल, 5 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 47 उप स्वास्थ्य केंद्र मौजूद हैं, लेकिन चुनौतियां अभी भी कायम हैं।
सम्बंधित ख़बरें
पटना पहुंचते ही भड़के तेजस्वी यादव; सरकार को दी खुली चेतावनी, कहा- अगर कल तक रिहा नहीं किया तो…देखें VIDEO
बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के 100 दिन पूरे, एनडीए नेताओं ने विकास और सुशासन के कार्यों को सराहा
यह देश गांधी का…छात्र आंदोलन के समर्थन में सड़क पर उतरा विपक्ष, गांधी स्मृति पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
संसद के मकर द्वार पर भिड़े NDA और INDIA गठबंधन! आमने-सामने आए सांसद, जमकर हुई नारेबाजी- VIDEO
राजनीतिक अस्थिरता का लंबा इतिहास
अरवल विधानसभा सीट 1951 में स्थापित हुई थी और यह जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस सीट की राजनीति हमेशा से ही अस्थिर रही है। अब तक अरवल से कुल 17 बार विधायक चुने जा चुके हैं, और हर बार मतदाता ने किसी एक दल पर लंबे समय तक भरोसा नहीं जताया।
निर्दलीयों का वर्चस्व: निर्दलीय उम्मीदवारों ने 4 बार जीत दर्ज की है। सबसे उल्लेखनीय नाम निर्दलीय उम्मीदवार कृष्णानंदन प्रसाद सिंह का है, जिन्होंने 1980 से 1990 तक लगातार तीन बार जीत हासिल की।
दलों का संघर्ष: राजद, एलजेपी, भाकपा और कांग्रेस ने 2-2 बार, जबकि भाजपा, जनता दल, जनता पार्टी और सोशलिस्ट पार्टी ने 1-1 बार सफलता प्राप्त की है। कांग्रेस की आखिरी जीत 1962 में हुई थी, जो उसकी कमजोर होती पकड़ को दर्शाता है।
पिछले तीन चुनाव के नतीजे
अरवल की राजनीति में अस्थिरता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि पिछले चार विधानसभा चुनावों में चार अलग-अलग दलों ने जीत दर्ज की है।
- 2010: भाजपा के चितरंजन कुमार विधायक बने।
- 2015: राजद के रविंद्र सिंह ने जीत हासिल की।
- 2020: भाकपा (माले) (लिबरेशन) ने यह सीट जीती।
2020 के विधानसभा चुनाव में सीपीआईएमएल के महानंद सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के दीपक शर्मा को बड़े अंतर से हराया। यह जीत महागठबंधन के लिए वामपंथी विचारधारा और सामाजिक न्याय की ताकतों के एकजुट होने का प्रतीक थी।
2025 विधानसभा का सियासी मुकाबला
आगामी Bihar Assembly Election 2025 में सीपीआईएमएल (CPI-ML) के सामने सबसे बड़ी चुनौती बदलाव की इस परंपरा को तोड़ने और अपनी सीट को बरकरार रखने की होगी। महानंद सिंह को न केवल भाजपा से कड़ी चुनौती मिलेगी, बल्कि उन्हें स्थानीय मुद्दों- जैसे उद्योग की कमी, खेती से जुड़ी समस्याएं और बेरोजगार पर भी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।
राजद और वाम दल के बीच गठबंधन के बावजूद, अरवल के वोटर हमेशा से ही अप्रत्याशित रहे हैं। यह बिहार राजनीतिक में एक ऐसी सीट है, जहां पार्टी के नाम से ज्यादा उम्मीदवार का चेहरा और स्थानीय समीकरण मायने रखते हैं।
ये भी पढ़ें: कुर्था विधानसभा: समय के साथ इस सीट पर बदली सियासी हवा, समाजवादी विरासत से चुनावी दंगल की कहानी
वामपंथ की वैचारिक लड़ाई की अग्निपरीक्षा
अरवल विधानसभा सीट बिहार की एक ऐसी सीट है, जहां की जनता ने हर बार बदलाव को तवज्जो देकर अपनी राजनीतिक चेतना का परिचय दिया है। सोन नदी के उपजाऊ मैदानों की तरह ही यहां की राजनीति भी हमेशा उथल-पुथल भरी रही है। 2025 का चुनाव इस बात का फैसला करेगा कि क्या सीपीआईएमएल बदलाव की परंपरा को तोड़ पाती है, या एनडीए फिर से बाजी पलटता है।
Bihar chunav arwal assembly unstable politics cpiml
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Birthday Horoscope: 27 जुलाई को जन्मे लोगों के लिए सफलता और नई जिम्मेदारियों का साल, पढ़ें जन्मदिन राशिफल
Jul 27, 2026 | 06:15 AMबारिश बनेगी मुसीबत; दिल्ली-उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
Jul 27, 2026 | 06:14 AM11 साल की उम्र में शुरू किया अभिनय, ‘शोले’ के गब्बर बन अमजद खान ने बदल दी बॉलीवुड के विलेन की परिभाषा
Jul 27, 2026 | 06:09 AMAaj Ka Rashifal: कर्क को मिलेगा शुभ समाचार, मकर का लौटेगा रुका हुया धन, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल
Jul 27, 2026 | 12:05 AMपटना पहुंचते ही भड़के तेजस्वी यादव; सरकार को दी खुली चेतावनी, कहा- अगर कल तक रिहा नहीं किया तो…देखें VIDEO
Jul 26, 2026 | 11:14 PMखाली पेट, ट्रकों से पहुंचती थीं ट्रेनिंग…आज हैं भारत की गोल्डन क्वीन! मीराबाई चानू की प्रेरणादायक कहानी
Jul 26, 2026 | 11:13 PMइंडियन आइडल 16 का खिताब ज्योतिर्मयी नायक के नाम, कैंसर मरीजों को म्यूजिक थेरेपी देने वाली सिंगर ने रचा इतिहास
Jul 26, 2026 | 11:06 PMवीडियो गैलरी

उद्घाटन के महज 12 दिन बाद ही धंस गया UP का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, सपा नेता ने उठाए सवाल, देखें VIDEO
Jul 26, 2026 | 10:57 PM
CM Yogi Agra Visit: मंच से भाषण दे रहे थे CM योगी, पास बैठे BJP विधायक भर रहे थे खर्राटे, VIDEO वायरल
Jul 26, 2026 | 09:47 PM
जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में सड़कों पर उतरे सपाई, अलीगढ़ में डीएम ऑफिस में जड़ा ताला; VIDEO वायरल
Jul 26, 2026 | 09:31 PM
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार; वकील ने खोले बड़े राज, राजनीतिक जीवन में पहली बार जाना पड़ा जेल, देखें VIDEO
Jul 26, 2026 | 09:04 PM
चुप नहीं बैठी महिला; बीएमटीसी बस में छेड़छाड़ करने वाले को ड्राइवर ने सिखाया सबक, देखें VIDEO
Jul 26, 2026 | 08:45 PM
अब बात होगी तो सिर्फ PoK पर…, कारगिल वॉर मेमोरियल से राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी; देखें Video
Jul 26, 2026 | 02:41 PM













