

Bihar Assembly Election 2025: बिहार की सियासत में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट करते हुए घोषणा की है कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन करेंगे।
सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह 14 अक्टूबर को मोकामा सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगे। मोकामा सीट पर अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी फिलहाल विधायक हैं। बीते चुनाव में नीलम देवी आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीती थीं। 2024 में एनडीए सरकार के शक्ति परीक्षण में नीलम देवी पाला बदलकर सत्तापक्ष में आ गई थीं।
अनंत सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि लोकतंत्र के महापर्व #BiharElection2025 में मोकामा विधानसभा क्षेत्र 178 से हमारे नामांकन समारोह में आप सभी जनता मालिक सादर आमंत्रित हैं। यह हमारे लिए गौरव और संकल्प की बेला है। आप सभी जनता मालिकों और समर्थकों से विनम्र निवेदन है अपना आशीर्वाद, स्नेह और समर्थन अवश्य प्रदान करें, ताकि यह यात्रा जनहित और न्याय के मार्ग पर सफल हो सके। इस घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि लंबे समय बाद अनंत सिंह फिर से मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं।
अगस्त 2025 में पटना के बेऊर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद अनंत सिंह ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वे अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के टिकट पर लड़ेंगे। रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा था कि नीतीश जी ने जनता के लिए हर काम किया है और आगे भी करेंगे। वह अभी 25 साल तक और काम करेंगे।
अनंत सिंह बिहार की राजनीति के एक विवादित और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते हैं। मोकामा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके अनंत सिंह को स्थानीय राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है। उनका क्षेत्र में गहरा जनाधार है और समर्थकों के बीच उनकी पकड़ आज भी मजबूत मानी जाती है। अनंत सिंह को इस साल की शुरुआत में पंचमहला थाना क्षेत्र में दर्ज केस संख्या 5/2025 (सोनू-मोनू केस) में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में उन पर हत्या की साजिश रचने, फायरिंग करवाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।