

Prashant Kishor Win Bankipur By Election: बिहार के बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे लगभग सामने आ चुके हैं। जहां जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर करीब 20,000 वोटों के मार्जिन से चुनाव जीतने जा रहे हैं। यहां से भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को उन्होंने चुनाव में कड़ी टक्कर दी है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर हैं। भाजपा का गढ़ माने जाने वाला बांकीपुर जैसे विधानसभा सीट पर प्रशांत की जीत की चर्चे पूरे देश में हो रही है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खिंचा है।
दरअसल, एक्स पर वायरल यह क्लिप चर्चित वेब सीरीज 'महारानी' की है। इस वीडियो को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत और भारतीय जनता पार्टी के हार से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि उपचुनाव के बीच बीजेपी अति-आत्मविश्वास से लबालब थी। पार्टी के नेताओं द्वारा कई बार ऐसा बयान दिया गया कि अगर बीजेपी बांकीपुर से किसी भी चेहरे को उतार दे, तो उसकी जीत सुनिश्चित है। यह अति-आत्मविश्वास भाजपा की हार के कारणों में से एक है।
सोशल मीडिया पर वायरल 'महारानी' वेब सीरीज की क्लिप में दो कैरेक्टर को दिखाया गया है, जहां एक कैरेक्टर दूसरे से कहता है कि बिहार की एक खासियत है, जब-जब आपको लगता है कि आप बिहार को समझ गए हैं... बिहार आपको झटका देता है। गौरतलब है कि महारानी वेब सीरीज राजनीति से प्रेरित है और इसकी पटकथा बिहार से काफी मिलती-जुलती नजर आती है। हालांकि, इस वेब सीरीज के मेकर्स का दावा है कि इसकी कहानी एक काल्पनिक है और वास्तविकता से इसका कोई लेना देना नहीं है।
●बिहार!!!!!●बिहार की एक ख़ासियत है!●जब-जब आपको लगता है कि आप बिहार को समझ गए हैं!●बिहार आपको झटका देता है!#Bihar #Bankipur pic.twitter.com/6utbkxNX0Y— SOURAV RAJ (@souravreporter2) August 3, 2026
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर के लिए बांकीपुर विधानसभा का उपचुनाव केवल एक सीट की नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य के लिए भी कई मायने में काफी अहम है। पिछले साल यानी की 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में जनसुराज पार्टी कुल 238 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। हालांकि, पार्टी के एक भी उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल नहीं रहें।
जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर उस समय चुनाव नहीं लड़े थे। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार के लिए चुनावी रणनीति और प्रबंधन की जिम्मेदारी की बात कहते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। हालांकि, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर में हुए उपचुनाव में ‘पीके’ ने पूरी दमखम के साथ चुनावी मैदान में खुद उतरा और पिछले तीन दशकों से भाजपा का अभेद्द किला रहा बांकीपुर को फतह करने के करीब पहुंच गए।