चुनाव से पहले RJD की मुश्किलें बढ़ीं, सरफराज आलम ने छोड़ा तेजस्वी का साथ, थामा जनसुराज का दामन
Sarfaraz Alam: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी के कद्दावर नेता सरफराज आलम ने इस्तीफा देकर जनसुराज का दामन थाम लिया है। सरफराज आलम का सीमांचल क्षेत्र में अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है।
- Written By: पूजा सिंह
सरफराज आलम ने जनसुराज का थामा दामन (सौ. सोशल मीडिया)
Former MP Sarfaraz Alam Joins Jan Suraj Party: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नांमानक के लिए चंद घंटे ही बचे हैं। इससे पहले ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व सांसद और जोकीहाट से 4 बार के विधायक सरफराज आलम ने तेजस्वी यादव का साथ छोड़ दिया है। सरफराज प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज में शामिल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद से सरफराज आलम पार्टी से नाराज चल रहे थे।
सरफराज आलम की सीमांचल क्षेत्र में अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उनके पार्टी छोड़ने से सीमांचल क्षेत्र में आरजेडी को बड़ा नुकसान हो सकता है। बता दें कि, उनके पिता तसलीमुद्दीन भी आरजेडी के नेता रह चुके हैं। आरजेडी छोड़ते हुए सरफराज ने कहा कि लंबे समय से पार्टी में मेरा दम घुट रहा था।
‘मैं जन सुराज को सलाम करता हूं’
आरजेडी से इस्तीफा देकर जनसुराज का दामन थामने के बाद सरफराज आलम ने कहा, ‘मैं जन सुराज को सलाम करता हूं, जो प्रशांत किशोर के नेतृत्व में बिहार को बदलने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। यह मंच मुझे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर देगा। इस माके पर आरजेडी से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ‘वहां वही पुरानी ‘दाल-चटनी’ वाली राजनीति चल रही थी, जिसमें बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं रही। इस साथ ही उन्होंने कहा कि सीमांचल का मुद्दा सिर्फ मुसलमानों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की गरीबी, पिछड़ापन और शिक्षा की गिरावट का है। आरोप लगाते हुए सरफाराज ने कहा कि, बीते 30 सालों में बिहार में भ्रष्टाचार बढ़ा है और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हुई है।
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‘यह सीमांचल की राजनीति में एक नया अध्याय है’
वहीं प्रशांत किशोर ने सरफराज का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि, ‘यह सीमांचल की राजनीति में एक नया अध्याय है, अब यहां डर की राजनीति नहीं, विकास की राजनीति होगी। सरफराज आलम सीमांचल में जन सुराज की एक लंबी लकीर खींचेंगे।
