अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसले का क्या होगा भारत पर असर?
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इस नए टैरिफ का मकसद उन देशों से शुल्क वसूलना है जो अमेरिका में व्यापार करते हैं। उनका मानना है कि विदेशी कंपनियां अमेरिकी नौकरियों और संपत्ति को छीन रही हैं।
- Written By: सिमरन सिंह
Donald Trump ने किया बड़ा फैसला क्या होगा भारत पर असर। (सौ. X)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका में आयात की जाने वाली कारों और ऑटो पार्ट्स पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। यह नया नियम 2 अप्रैल से प्रभावी होगा। ट्रंप ने इस दिन को “मुक्ति दिवस” (Liberation Day) करार दिया है, क्योंकि इसी दिन से अमेरिका में नया रिसिप्रोकल टैरिफ सिस्टम लागू होगा।
टैरिफ क्यों लगाया गया?
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इस नए टैरिफ का मकसद उन देशों से शुल्क वसूलना है जो अमेरिका में व्यापार करते हैं। उनका मानना है कि विदेशी कंपनियां अमेरिकी नौकरियों और संपत्ति को छीन रही हैं। “हम उन देशों से शुल्क वसूलेंगे जो हमारे देश में व्यापार कर रहे हैं और हमारी नौकरियां, हमारी संपत्ति और वर्षों से कई अन्य संसाधन ले रहे हैं,” ट्रंप ने ओवल ऑफिस से कहा।
किन वाहनों पर लागू होगा टैरिफ?
यह 25% टैक्स उन सभी कारों और ट्रकों पर लागू होगा जो अमेरिका के बाहर बनाए गए हैं और फिर वहां बेचे जाते हैं। इस टैरिफ से अमेरिका में बिकने वाली लगभग 50% कारें प्रभावित होंगी। “हम अमेरिका में निर्मित वाहनों पर कोई टैरिफ नहीं लगाएंगे, लेकिन जो कारें अमेरिका में नहीं बनी हैं, उन पर 25% का शुल्क लगेगा,” ट्रंप ने कहा।
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इस टैरिफ का असर इन वाहनों और ऑटो पार्ट्स पर पड़ेगा:
- आयातित यात्री वाहन, जैसे सेडान, एसयूवी और मिनीवैन
- लाइट ट्रक
- इंजन, ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स जैसे प्रमुख ऑटो पार्ट्स
व्हाइट हाउस के अनुसार, यदि आवश्यक हुआ तो इस सूची में और भी ऑटो पार्ट्स जोड़े जा सकते हैं।
नई टैरिफ से होने वाली कमाई
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, इस नए टैरिफ से अमेरिकी सरकार को लगभग 100 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति हो सकती है।
अन्य उत्पादों पर भी आ सकता है टैरिफ, दवाओं पर असर संभव
ट्रंप अन्य आयातित वस्तुओं पर भी टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से फार्मास्युटिकल्स (दवाओं) का उल्लेख किया, क्योंकि अमेरिका में बेची जाने वाली कई दवाएं चीन और आयरलैंड में बनाई जाती हैं।
भारत पर असर?
भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर काफी बड़ा है, लेकिन यहां बनी ज्यादातर कारें विकासशील देशों में निर्यात की जाती हैं, अमेरिका में नहीं। हालांकि, भारतीय ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री पर इस नए अमेरिकी व्यापार नीति का असर हो सकता है। मदरसन ग्रुप, संसेरा इंजीनियरिंग लिमिटेड और सुप्रजीत इंजीनियरिंग लिमिटेड जैसी भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में ऑटो पार्ट्स निर्यात करती हैं, जो इस टैरिफ से प्रभावित हो सकती हैं।
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क्या अमेरिका सभी देशों पर समान टैरिफ लगाएगा?
हालांकि इसे “रिसिप्रोकल टैरिफ सिस्टम” कहा जा रहा है, ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी टैरिफ जरूरी नहीं कि अन्य देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ के बराबर हों। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि सभी देश इस फैसले से प्रभावित होंगे। “हम इसे सभी देशों पर लागू करेंगे, लेकिन यह बहुत लचीला होगा। कई मामलों में, यह उस टैरिफ से कम होगा जो वर्षों से अमेरिका पर लगाया जाता रहा है। इसलिए लोग बहुत हैरान होंगे,” ट्रंप ने कहा।
भले ही कुछ देशों ने अमेरिका के प्रति निष्पक्षता नहीं दिखाई हो, लेकिन ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अलग नीति अपनाएगा। “हम बहुत निष्पक्ष रहेंगे, बहुत अच्छे रहेंगे। हमें अन्य देशों से अच्छा व्यवहार नहीं मिला है, लेकिन हम अच्छा व्यवहार करेंगे,” उन्होंने कहा।
