अब नहीं बच पाएंगे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले, सरकार RC और DL को आधार से लिंक करने की कर रही तैयारी!
इस फैसले के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को पकड़ना आसान हो जाएगा, क्योंकि आधार से जुड़े होने के कारण उनके असली नंबर और पते की जानकारी सीधे सरकार के पास होगी।
- Written By: सिमरन सिंह
RC, DL को aadhar को कैसे कर सकते है link। (सौ. X)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: अगर आप चालान से बचने के लिए मोबाइल नंबर या पता बदलने की सोच रहे हैं, तो अब यह तरीका काम नहीं आएगा। सरकार जल्द ही वाहन पंजीकरण (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को आधार से लिंक करने की योजना बना रही है। इस फैसले के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को पकड़ना आसान हो जाएगा, क्योंकि आधार से जुड़े होने के कारण उनके असली नंबर और पते की जानकारी सीधे सरकार के पास होगी।
क्यों उठाया जा रहा यह कदम?
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बाद कई लोग चालान भरने से बचने के लिए अपने मोबाइल नंबर और पते बदल लेते हैं। कुछ लोग तो नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन तक कर देते हैं। इससे ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को ई-चालान वसूली में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “जो लोग ट्रैफिक नियम तोड़ने के बावजूद जुर्माना नहीं भर रहे हैं, उनके लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।”
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12,000 करोड़ रुपये के चालान अभी तक नहीं हुए जमा!
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय (MRTH) की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के ई-चालान बकाया हैं। इस वसूली में सबसे बड़ी बाधा डेटाबेस में मौजूद गलत जानकारी है।
रिपोर्ट के अनुसार:
- डेटाबेस में कई वाहन मालिकों के पुराने मोबाइल नंबर और पते दर्ज हैं।
- लोग नए नंबर लेने के बाद पुराने नंबर पर आने वाले नोटिफिकेशन को रिसीव ही नहीं कर पाते।
- 90 के दशक की गाड़ियों और ड्राइविंग लाइसेंस की डिटेल्स अपडेट नहीं की गई हैं।
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डेटाबेस को अपडेट करना होगा जरूरी!
परिवहन विभाग के अनुसार, “सारथी और वाहन डेटाबेस में कई पुराने रिकॉर्ड मौजूद हैं। अब ऐसी व्यवस्था लाई जाएगी, जिसमें वाहन मालिकों और लाइसेंस धारकों के लिए अपने विवरण को अपडेट करना अनिवार्य किया जाएगा।”
आधार से लिंकिंग के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी, क्योंकि फिर कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी देकर नए लाइसेंस या वाहन पंजीकरण नहीं करा सकेगा।
नए नियमों के बाद क्या होगा असर?
- फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संभावना खत्म हो जाएगी।
- ई-चालान का भुगतान न करने वालों को ट्रेस करना आसान होगा।
- ड्राइविंग लाइसेंस और RC से जुड़ी गलत जानकारी अपडेट हो जाएगी।
- सरकार के इस कदम से सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने में मदद मिलेगी।
