बरसात में इलेक्ट्रिक स्कूटर का सही इस्तेमाल, बढ़ेगी बैटरी की उम्र और रेंज

बढ़ती पेट्रोल की कीमतों और पर्यावरण के जागरूकता में इलेक्ट्रिक स्कूटर स्मार्ट और किफायती विकल्प हैं। लेकिन बारिश मौसम में इनकी देखभाल करना परेशानी की बात होती है, ऐसे में कुछ बातों का पता होगा चाहिए।
बरसात में इलेक्ट्रिक स्कूटर का सही इस्तेमाल, बढ़ेगी बैटरी की उम्र और रेंज
Electric scooter की बैटरी का कैसे रखे खयाल। (सौ. Honda)
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तेजी से बढ़ती पेट्रोल की कीमतों और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच इलेक्ट्रिक स्कूटर एक स्मार्ट और किफायती विकल्प बनकर उभरे हैं। लेकिन बारिश के मौसम में इनकी देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है, खासतौर पर बैटरी की सुरक्षा को लेकर। अगर कुछ आसान टिप्स को ध्यान में रखा जाए तो ना सिर्फ बैटरी की लाइफ बढ़ाई जा सकती है बल्कि रोज़ाना के सफर में खर्च भी कम किया जा सकता है।

इको मोड का करें समझदारी से इस्तेमाल

  • "इकोनॉमी या इको मोड बैटरी की खपत को कम करता है और स्कूटर की रेंज को बढ़ा देता है। जब तेज़ रफ्तार की जरूरत न हो, तो इसी मोड में सफर करना फायदेमंद होता है।"

स्कूटर पर ज्यादा वजन न डालें

  • ई-स्कूटर की पावर सीमित होती है। ज्यादा भार होने पर मोटर पर दबाव बढ़ता है, जिससे बैटरी जल्दी खत्म होती है और स्कूटर की रेंज कम हो जाती है।

ट्रैफिक से बचें, शांत रास्तों को दें प्राथमिकता

  • बार-बार रुकने और चलने से एक्सीलेटर और ब्रेक का बार-बार इस्तेमाल होता है, जो बैटरी को तेजी से डिस्चार्ज करता है। इसलिए जहां संभव हो, कम भीड़भाड़ वाले रास्तों से यात्रा करें।

गैर-ज़रूरी फीचर्स का सीमित प्रयोग

  • ई-स्कूटर में सभी फीचर्स – जैसे GPS, मोबाइल कनेक्टिविटी, स्क्रीन – बैटरी से ही चलते हैं। इनका बिना जरूरत उपयोग करने से बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है। उपयोग करें, लेकिन सिर्फ तब जब जरूरी हो।

बैटरी चार्जिंग और तापमान का रखें ध्यान

  • बैटरी को तब ही चार्ज करें जब उसका चार्ज 15% से नीचे हो जाए। अत्यधिक गर्मी या सर्दी में बैटरी के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। आदर्श तापमान 15°C के आसपास होता है।

टायर में हवा रखें पर्याप्त

  • अगर टायर में हवा सही मात्रा में होगी तो मोटर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और बैटरी की खपत कम होगी।
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