

No Challan. हेलमेट सर को दुर्घटना के समय चोट से बचने के लिए पहना जाता है और गंभीर चोटों से बचा जाए या फिर मौत जैसी दुर्घटना को टाला जा सके। इस कारण से हेलमेट को पहनना जरूरी माना जाता है। हेलमेट पहनने के लिए कई तरह के नियम भी बनाए गए हैं। वहीं, इसका उल्लंघन करने पर आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। इसके साथ ही, हेलमेट पहनने से आप बारिश और धूल से लेकर ठंडी हवाओं से भी बचते हैं, जिससे सवारी सुरक्षित और आरामदायक सफर का आनंद ले सकती है। हालांकि, यह बात ज्यादातर लोग नहीं जानते कि हेलमेट पहनने से कुछ लोगों को छूट भी मिली है और इन लोगों का चालान नहीं काटा जाता। आज की खबर में हम आपको उन्हीं लोगों के बारे में बताएंगे।
भारत में कुछ विशेष श्रेणियां हैं, जिनमें लोगों को हेलमेट न पहनने के लिए चालान देने की कोई भी जरूरत नहीं है। यह नियम सभी के लिए लागू नहीं होता, केवल कुछ विशेष लोगों के लिए इस नियम के फायदे होते हैं।
सिख समुदाय - सिख धर्म में जो पुरुष और महिलाएं पगड़ी बांधते हैं, उनके लिए हेलमेट पहनने या न पहनने की छूट होती है। यह छूट कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अंदर लागू की जाती है।
गर्भवती महिलाएं - कुछ राज्यों में गर्भवती महिलाओं को हेलमेट पहनने से छूट दी जाती है, हालांकि यह नियम सभी राज्यों में लागू नहीं है।
विशेष प्रावधान वाले राज्य - कुछ राज्यों में विशेष स्थानीय नियम बनाए गए हैं, जिनमें अन्य श्रेणियों के लोगों को भी हेलमेट पहनने से छूट दी जाती है, लेकिन यह नियम अलग-अलग राज्य की सरकार द्वारा बनाए जाते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि नियम केवल कानूनी द्वारा मान्यता प्राप्त कुछ विशेष श्रेणियों के लिए ही होते हैं और बाकी सब को हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
हम भी सभी से गुजारिश करेंगे कि अपनी सुरक्षा और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनें और दूसरों को भी पहनने की सलाह दें।