Second Hand Car (Source. Freepik)
Rules for Buying Used Cars: हर किसी का सपना होता है कि उसके पास अपनी कार हो, लेकिन बजट की वजह से कई लोग नई कार की बजाय सेकेंड हैंड कार खरीदना पसंद करते हैं। अगर आप भी पुरानी कार खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
दरअसल, सेकेंड हैंड कार खरीदते समय सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि उसकी उम्र, कंडीशन और मेंटेनेंस का रिकॉर्ड भी बेहद अहम होता है। सही उम्र की कार चुनना आपके हजारों ही नहीं, बल्कि लाखों रुपये तक बचा सकता है।
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए 2 से 5 साल पुरानी कार सबसे बेहतर और किफायती विकल्प मानी जाती है। नई कार जैसे ही शोरूम से बाहर निकलती है, उसकी कीमत तेजी से गिर जाती है। लेकिन 2-3 साल बाद वही कार काफी कम कीमत में मिलती है, जबकि उसकी क्वालिटी और परफॉर्मेंस लगभग नई जैसी ही रहती है।
इस उम्र की कारों में अक्सर कंपनी की वारंटी भी बची होती है और फीचर्स जैसे टचस्क्रीन, सनरूफ और एडवांस टेक्नोलॉजी भी मिल जाती है। यानी कम कीमत में आपको एक शानदार और भरोसेमंद कार मिल सकती है। जो Second Hand Car लेने के तौर पर अच्छा ऑप्सन है।
अक्सर लोग सिर्फ कार की उम्र देखकर फैसला लेते हैं, जो एक बड़ी गलती हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, 2 साल पुरानी 80,000 किलोमीटर चली कार, 5 साल पुरानी 30,000 किलोमीटर चली कार से ज्यादा घिसी हुई हो सकती है।
इसलिए कार खरीदते समय उसका सर्विस रिकॉर्ड जरूर चेक करें। अगर गाड़ी की समय-समय पर सर्विस हुई है और उसकी अच्छी देखभाल की गई है, तो वह लंबे समय तक बिना ज्यादा खर्च के चल सकती है। साथ ही, टायर और सस्पेंशन की स्थिति भी जरूर जांचें और खरीदने से पहले किसी भरोसेमंद मैकेनिक से पूरी जांच कराना न भूलें।
अगर आप 10 साल से ज्यादा पुरानी कार खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। ऐसी कारों में अक्सर नई टेक्नोलॉजी और एडवांस सेफ्टी फीचर्स नहीं होते।
आज के समय में एयरबैग, ABS और ADAS जैसी सुविधाएं बेहद जरूरी हो गई हैं, जो पुरानी गाड़ियों में नहीं मिलतीं। इसके अलावा, पुरानी कारों में पार्ट्स जल्दी खराब होते हैं, जिससे रिपेयर का खर्च काफी बढ़ जाता है। इसलिए बेहतर यही है कि बहुत पुरानी कार से बचें, ताकि आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और सफर भी सुरक्षित बना रहे।
Second Hand Car खरीदते समय जल्दबाजी न करें। कार की उम्र, माइलेज, सर्विस हिस्ट्री और कंडीशन इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। याद रखें, समझदारी से लिया गया फैसला आपको लंबे समय तक फायदा देगा और बेवजह के खर्च से बचाएगा।