भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने दर्ज की शानदार वृद्धि, FY 2025 में 11.3% की बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2025 की पहली छमाही में भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया। इस अवधि में उद्योग का कुल आकार 11.3% बढ़कर 39.6 अरब अमेरिकी डॉलर (₹3.32 लाख करोड़) हो गया, जो वित्तीय वर्ष 2024 की पहली छमाही में 36
- Written By: सिमरन सिंह
Automobile की हुनिया में कई तरह के बढ़लाव होने वाले है। (सौ. Freepik)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 की पहली छमाही में भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया। इस अवधि में उद्योग का कुल आकार 11.3% बढ़कर 39.6 अरब अमेरिकी डॉलर (₹3.32 लाख करोड़) हो गया, जो वित्तीय वर्ष 2024 की पहली छमाही में 36.1 अरब अमेरिकी डॉलर (₹2.98 लाख करोड़) था।
सेगमेंट-वार प्रदर्शन
- पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट: यूटिलिटी व्हीकल्स (UVs) की मांग में 13% की वृद्धि हुई। खासकर UV1 मॉडल्स (4000 से 4400 मिमी लंबाई और ₹20 लाख से कम कीमत) की बिक्री में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- टू-व्हीलर मार्केट: 350-500 सीसी इंजन क्षमता वाले मोटरसाइकिल्स की बिक्री में 74% का इजाफा हुआ।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट: EVs ने 22% की वृद्धि के साथ बाजार में मजबूती हासिल की। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (e-2W) की बिक्री 26% बढ़ी, जबकि इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स (e-PVs) की बिक्री में 19% की गिरावट आई।
निर्यात और व्यापार अधिशेष
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर का निर्यात 7% बढ़कर 93,342 करोड़ रुपये (11.1 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया। अमेरिका, जर्मनी और तुर्की शीर्ष निर्यात गंतव्य बने। वहीं, आयात 5.3% बढ़कर 92,050 करोड़ रुपये (11.0 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया। मुख्य आयात स्रोत चीन, जर्मनी, जापान और कोरिया रहे।
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ओईएम आपूर्ति और आफ्टरमार्केट सेगमेंट
ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) को आपूर्ति 11.2% बढ़कर ₹2.83 लाख करोड़ (33.8 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गई। आफ्टरमार्केट सेगमेंट ने भी 5% की वृद्धि के साथ ₹47,416 करोड़ (5.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का कारोबार किया।
भविष्य की दिशा
इस शानदार वृद्धि के साथ भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने दिखाया कि वह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। निर्यात में वृद्धि और तकनीकी नवाचार इस क्षेत्र की मजबूती का परिचायक हैं।
