E20 पेट्रोल पर सरकार का बड़ा बयान, इंजन फेल होने की कोई व्यापक रिपोर्ट नहीं, राज्यसभा में दिया जवाब
BS-III Vehicles And E20 Fuel: देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने पहली बार राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी स्थिति स्पष्ट की है। जिसमें उन्होंने कई बाते बताई है।
- Written By: सिमरन सिंह
BS-III Vehicles (Source. Gemini)
Ethanol Blending India: देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने पहली बार राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी स्थिति स्पष्ट की है। बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि 20% इथेनॉल मिश्रित E20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों में बड़े पैमाने पर इंजन फेल होने या गंभीर खराबी की कोई व्यापक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। सरकार का कहना है कि इस ईंधन को लागू करने से पहले विभिन्न संस्थानों द्वारा इसकी विस्तृत जांच की जा चुकी है। राज्यसभा में सांसद ए.ए. रहीम के सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी।
IOCL, ARAI और SIAM ने की जांच
सरकार ने बताया है कि E20 ईंधन का असर जानने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), देहरादून, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और SIAM जैसी संस्थाओं ने परीक्षण किए हैं। इन परीक्षणों में BS-VI और कई पुराने वाहनों की भी जांच की गई। सरकार का दावा है कि परीक्षण के दौरान इन वाहनों की परफॉर्मेंस में कोई बड़ी कमी या इंजन से जुड़ी गंभीर समस्या सामने नहीं आई।
BS-III वाहनों में कुछ बदलाव की जरूरत
लेकिन सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि 1 अप्रैल 2005 से 2016 के बीच बने कुछ BS-III वाहनों में रबर से बने कुछ पुर्जों, जैसे गैस्केट और अन्य रबर पार्ट्स, को बदलने की जरूरत पड़ सकती है। वहीं मंत्रालय ने बताया है कि यह बदलाव सामान्य सर्विसिंग के दौरान आसानी से किए जा सकते हैं और इसे बड़ी तकनीकी समस्या नहीं माना जा रहा है।
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माइलेज सिर्फ ईंधन पर निर्भर नहीं
E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज घटने की चर्चाओं पर भी सरकार ने अपनी सफाई दी। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी वाहन की माइलेज केवल ईंधन के प्रकार से तय नहीं होती। सरकार का कहना है कि ड्राइविंग स्टाइल, समय-समय पर सर्विसिंग, इंजन ऑयल बदलना, एयर फिल्टर की सफाई, सही टायर प्रेशर और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल जैसे कई अन्य कारक भी माइलेज को प्रभावित करते हैं।
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20% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य
सरकार ने बताया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को नीति आयोग की सिफारिशों और भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग के लिए रोडमैप 2020-25 के तहत चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 2013-14 में इथेनॉल ब्लेंडिंग 1.53% थी जो 2024-25 में बढ़कर 19.2% तक पहुंच चुकी है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक इसे 20% तक ले जाना है। सरकार का यह भी कहना है कि सोशल मीडिया पर E20 को लेकर फैल रही कई आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। ईंधन की गुणवत्ता और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही इस नीति को आगे बढ़ाया जा रहा है।
