E20 पेट्रोल पर बड़ा खुलासा, ARAI रिपोर्ट में सामने आई सच्चाई, क्या पुरानी गाड़ियों के लिए बढ़ सकता है खतरा?
E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है। कई वाहन मालिक दावा कर रहे हैं कि ब्लेंडेड पेट्रोल की वजह से उनकी गाड़ियों की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है जबकि सरकार लगातार इसे सुरक्षित बता रही है।
- Written By: सिमरन सिंह
E20 Petrol (Source. Navbharat Desk)
E20 Petrol ARAI Report: भारत देश में E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है। कई वाहन मालिक दावा कर रहे हैं कि ब्लेंडेड पेट्रोल की वजह से उनकी गाड़ियों की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है जबकि सरकार लगातार इसे सुरक्षित बता रही है। इसी बीच ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की एक रिपोर्ट ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। लेकिन अभी इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं की गई गया है। लेकिन The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों ने इसी अध्ययन के आधार पर देशभर में E20 पेट्रोल लागू करने का फैसला लिया।
पुरानी गाड़ियों में किन पार्ट्स पर पड़ सकता है असर?
रिपोर्ट में बताया गया है कि E10 पेट्रोल के लिए बनी पुरानी कारों में इस्तेमाल होने वाले रबर के कुछ हिस्सों जैसे होज, गैस्केट, सील और ओ-रिंग पर लंबे समय में असर पड़ सकता है। समय के साथ ये पार्ट्स घिस सकते हैं और इन्हें बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि रिपोर्ट में धातु से बने इंजन या अन्य प्रमुख पार्ट्स पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वाहनों के मालिकों को समय-समय पर सर्विसिंग और रबर पार्ट्स की जांच कराते रहना चाहिए ताकि किसी संभावित समस्या से बचा जा सके।
टेस्टिंग में क्या सामने आया, माइलेज पर कितना असर?
ARAI ने अलग-अलग चारपहिया और दोपहिया वाहनों पर लंबे समय तक टेस्ट किए। एक BS-IV इंजन ने E20 पेट्रोल पर सामान्य प्रदर्शन किया जबकि एक BS-VI टर्बो इंजन में 265 घंटे की टेस्टिंग के बाद कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। वहीं एक अन्य कंपनी के इंजन में 809 घंटे की संयुक्त टेस्टिंग के दौरान एग्जॉस्ट वाल्व में थर्मो-मैकेनिकल फेल्योर देखा गया।
सम्बंधित ख़बरें
Tata vs Mahindra EV: इलेक्ट्रिक कार बाजार में छिड़ी जंग, एक हर घर तक पहुंचगा, दूसरा लाएगा प्रीमियम SUV का दौर
MG Windsor EV खरीदना अब पड़ेगा महंगा, कंपनी ने बढ़ाए 60,000 तक दाम, जानिए नई कीमतें और कितनी मिलती है रेंज
80 हजार से कम में लॉन्च हुआ दमदार इलेक्ट्रिक स्कूटर, Komaki MG Pro V और MG Pro+ में जाने क्या है खास?
Honda की इस SUV पर पैसों की बारिश, 2.15 लाख तक की छूट, Amaze पर भी मिल रहे धमाकेदार ऑफर्स
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक टेस्ट के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा क्योंकि इंजन की विश्वसनीयता जांचने के लिए आमतौर पर करीब 2,000 घंटे तक परीक्षण किए जाते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर ईंधन की खपत करीब 2% से 6% तक बढ़ सकती है। जिसका सीधा मतलब है कि कुछ वाहनों का माइलेज थोड़ा कम हो सकता है।
ये भी पढ़े: दिल्ली को मिली 300 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, AI टेक्नोलॉजी वाली हाई सिक्योरिटी जेल का भी हुआ शिलान्यास
सरकार और कंपनियों का क्या कहना है?
अप्रैल 2025 से पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू किया जा चुका है और सरकार भविष्य में E22, E25, E27 तथा E30 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिश्रित ईंधन लाने की तैयारी कर रही है। वहीं Maruti Suzuki, Toyota, Hyundai, Hero MotoCorp, TVS Motor और Bajaj Auto जैसी कंपनियों का कहना है कि उनके E20-समर्थित वाहनों की वर्षों तक टेस्टिंग की गई है और सामान्य रखरखाव वाली गाड़ियों में यह ईंधन सुरक्षित है। इसको लेकर सरकार का दावा है कि E20 से कच्चे तेल के आयात में कमी, प्रदूषण नियंत्रण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि पुराने वाहन मालिकों की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे इस मुद्दे पर बहस फिलहाल थमती नहीं दिख रही।
