

Night Driving Alert: भारत में तेजी से बढ़ती गाड़ियों की संख्या के साथ सड़क हादसों के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। देखा गया है कि हर दिन हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। इसी बीच सामने आई एक रोड सेफ्टी रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि देर रात का समय सड़क हादसों के लिहाज से सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। वहीं हैरानी की बात यह है कि इस दौरान सड़कों पर ट्रैफिक अपेक्षाकृत कम होता है फिर भी दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है।
बता दें कि आमतौर पर लोगों को लगता है कि रात में कम ट्रैफिक होने के कारण ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित होती है लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। इसको लेकर विशेषज्ञों कहते है कि लंबी दूरी तय करने के बाद ड्राइवर थकान महसूस करने लगता है और कई बार हल्की नींद भी आने लगती है। ऐसे में कुछ सेकंड की लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके अलावा खाली सड़क देखकर कई लोग गाड़ी की रफ्तार बढ़ा देते हैं जिससे वाहन पर नियंत्रण खोने का खतरा बढ़ जाता है।
रात के समय सड़कों पर रोशनी कम होने से विजिबिलिटी प्रभावित होती है। कई हाईवे और ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होती जिससे सामने आने वाले वाहन, जानवर या सड़क पर मौजूद अन्य बाधाएं समय रहते दिखाई नहीं देतीं। इसके साथ ही रात में भारी वाहन जैसे ट्रक और कंटेनर भी अधिक संख्या में चलते हैं। तेज रफ्तार, कम रोशनी और ड्राइवर की थकान मिलकर दुर्घटना की आशंका को कई गुना बढ़ा देती है। यही वजह है कि कम ट्रैफिक होने के बावजूद रात में सड़क हादसे ज्यादा दर्ज किए जाते हैं।
अगर आपको रात में लंबी दूरी तय करनी है तो यात्रा शुरू करने से पहले पूरी नींद जरूर लें। लगातार कई घंटे ड्राइव करने से बचें और बीच-बीच में ब्रेक लेकर शरीर को आराम दें। यदि ड्राइविंग के दौरान नींद महसूस होने लगे तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर आराम करें। इसके अलावा हमेशा निर्धारित गति सीमा का पालन करें, हेडलाइट्स का सही तरीके से इस्तेमाल करें और सीट बेल्ट लगाना कभी न भूलें।